'अगर भारत नहीं, तो कौन?' फिलिस्तीनी दूतावास ने तत्काल चिकित्सा सहायता का आग्रह किया

फिलिस्तीनी दूतावास ने भारत से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। दूतावास ने अपनी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लगातार हो रहे इजरायली हमलों के कारण यह "पतन के कगार" पर..

'अगर भारत नहीं, तो कौन?' फिलिस्तीनी दूतावास ने तत्काल चिकित्सा सहायता का आग्रह किया
21-06-2026 - 09:36 AM

नयी दिल्ली। फिलिस्तीनी दूतावास ने भारत से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। दूतावास ने अपनी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लगातार हो रहे इजरायली हमलों के कारण यह "पतन के कगार" पर है।

दूतावास के बयान में कहा गया, "भारत गणराज्य में स्थित फिलिस्तीन राज्य का दूतावास, अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के विनाशकारी पतन पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करता है, जो सीधे तौर पर चल रहे इजरायली जनसंहार युद्ध, सैन्य हमलों, चिकित्सा बुनियादी ढांचे के बड़े पैमाने पर विनाश, मानवीय पहुंच पर कड़े प्रतिबंधों और वित्तीय दबाव के उपायों का परिणाम है।"

बयान में आगे कहा गया, "यह हजारों निर्दोष लोगों की जान बचाने का बिल्कुल सही समय है। अगर भारत और भारत के लोग नहीं; तो कौन? अगर अभी नहीं; तो कब? हर जीवन मायने रखता है।"

इसमें कहा गया, "फिलिस्तीनी लोग मानवता की अंतरात्मा और न्याय, मानवीय मूल्यों, उपनिवेशवाद विरोधी सिद्धांतों तथा उत्पीड़ित लोगों के समर्थन के प्रति भारत की ऐतिहासिक प्रतिबद्धता की ओर देखते हैं।"

इसने भारत से अपनी 'आरोग्य मैत्री' (Aarogya Maitri) मानवीय पहल के माध्यम से चिकित्सा सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया, जो वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल और आपदा-राहत प्रयासों का समर्थन करने के लिए नई दिल्ली की व्यापक प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

बयान में कहा गया है, "हाल ही में, भारत के माननीय प्रधानमंत्री महामहिम नरेंद्र मोदी ने 'आरोग्य मैत्री' परियोजना की घोषणा की, जहां उन्होंने संकल्प लिया था, और मैं उनके शब्दों को उद्धृत करता हूं: 'इस परियोजना के तहत, भारत प्राकृतिक आपदाओं या मानवीय संकटों से प्रभावित किसी भी विकासशील देश को आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करेगा।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों का हवाला देते हुए दूतावास ने इस स्थिति को अभूतपूर्व अनुपात की मानवीय आपदा बताया है।

इसने कहा कि गाजा के 36 अस्पतालों में से केवल 19 वर्तमान में आंशिक रूप से काम कर रहे हैं और इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर पड़े भारी दबाव को उजागर किया।

दूतावास ने दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, डायलिसिस आपूर्ति, रक्त भंडार और अस्पताल के जनरेटर चलाने के लिए आवश्यक ईंधन की भारी कमी की ओर भी इशारा किया।

भारत ने इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के लिए बातचीत के जरिए 'दो-राष्ट्र समाधान' (two-state solution) के लिए अपना समर्थन दोहराया है, गाजा में स्थायी युद्धविराम लागू करने का आग्रह किया है, और कहा है कि वह अपने वार्षिक योगदान के हिस्से के रूप में फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) को जल्द ही $2.5 मिलियन (25 लाख डॉलर) का भुगतान करेगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।