वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने नौसेना के 47वें उपप्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला
वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने शुक्रवार को भारतीय नौसेना के 47वें उप प्रमुख (Vice Chief of Naval Staff - VCNS) के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले..
नयी दिल्ली। वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने शुक्रवार को भारतीय नौसेना के 47वें उप प्रमुख (Vice Chief of Naval Staff - VCNS) के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
शिक्षा और प्रारंभिक सेवा
संजय वात्स्यायन नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), पुणे के पूर्व छात्र हैं। उन्हें 1 जनवरी 1988 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला। वे गनरी (तोपखाना) और मिसाइल प्रणालियों के विशेषज्ञ हैं और अपने 30 से अधिक वर्षों के विशिष्ट सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण कमांड, परिचालन और स्टाफ जिम्मेदारियाँ संभाल चुके हैं।
समुद्री सेवा और नेतृत्व अनुभव
वे कई अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों पर सेवा दे चुके हैं। उन्होंने गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर आईएनएस मैसूर, आईएनएस निशंक और तटरक्षक पोत सीजीएस संग्राम के निर्माण दल में हिस्सा लिया था। वह आईएनएस मैसूर के कार्यकारी अधिकारी भी रहे।
उन्होंने निम्नलिखित युद्धपोतों की कमान संभाली
- कोस्ट गार्ड शिप C-05
- मिसाइल पोत आईएनएस विभूति और आईएनएस नशाक
- मिसाइल कार्वेट आईएनएस कुथार
- गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्रि — इसके वे प्रथम कमांडिंग ऑफिसर थे।
महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ
- फरवरी 2020 में उन्होंने पूर्वी नौसेना बेड़े (Eastern Fleet) के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग का पद संभाला। इस दौरान उन्होंने गलवान घटना के बाद की समुद्री रणनीतिक तैनातियों और अभ्यासों का नेतृत्व किया।
- वे डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन, नेवल वॉर कॉलेज, गोवा, और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली से स्नातक हैं।
- नौसेना मुख्यालय में उन्होंने संयुक्त निदेशक और निदेशक (कार्मिक नीति), नौसेना योजनाएं (परिप्रेक्ष्य योजना) और प्रधान निदेशक (नौसेना योजनाएं) जैसे अहम नीति निर्माण पदों पर कार्य किया।
- फरवरी 2018 में फ्लैग रैंक (रियर एडमिरल) पर पदोन्नत होने के बाद उन्होंने एडिशनल चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (Policy & Plans) का पद संभाला।
सम्मान और योगदान
- 2021 में उन्हें ‘अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM)’ से सम्मानित किया गया — यह पुरस्कार असाधारण नेतृत्व और उल्लेखनीय सेवा के लिए दिया गया।
- वे नेशनल डिफेंस एकेडमी के उप कमांडेंट और बाद में दक्षिणी नौसेना कमान (Eastern Naval Command - ENC) के चीफ ऑफ स्टाफ भी रहे, जहाँ उन्होंने परिचालन तत्परता, मानव संसाधन विकास और बुनियादी ढांचे को सशक्त किया।
- VCNS बनने से पहले, वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय (HQ IDS) में उप प्रमुख (संचालन) और फिर नीति, योजना एवं बल विकास विभाग के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। यहाँ उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय, संयुक्तता, स्वदेशीकरण और नीति-निर्माण को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
व्यक्तिगत जीवन:
वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन की पत्नी का नाम सरिता है। उनके एक पुत्र हैं, जिन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातक और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) से एमबीए किया है। उनकी पुत्री मानविकी विषय में स्नातक हैं।
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