वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से बढ़ी चिंता, लगातार घटनाओं से रेलवे सतर्क
देश की प्रतिष्ठित सेमी-हाईस्पीड ट्रेन Vande Bharat Express पर पथराव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। पिछले एक हफ्ते में ही इस ट्रेन पर दो अलग-अलग पथराव की घटनाएं दर्ज की..
देश की प्रतिष्ठित सेमी-हाईस्पीड ट्रेन Vande Bharat Express पर पथराव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। पिछले एक हफ्ते में ही इस ट्रेन पर दो अलग-अलग पथराव की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
हाल की घटनाएं
26 मार्च 2026:
गोरखपुर से पाटलिपुत्र जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर बगहा स्टेशन यार्ड में पथराव किया गया। ट्रेन आउटर सिग्नल पर खड़ी थी, तभी रेलवे ट्रैक के पास खड़े तीन लोगों ने अचानक पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।
23 मार्च 2026:
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ट्रेन संख्या 22331 (वंदे भारत एक्सप्रेस) पर उस समय पथराव हुआ, जब यह पाटलिपुत्र से गोरखपुर जा रही थी। इस घटना से ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
वीआईपी यात्रा के दौरान भी हमला
20 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के हरदोई के पास कौरा गांव के नजदीक उस समय पथराव हुआ, जब Mohan Bhagwat वंदे भारत ट्रेन से वाराणसी से मेरठ की यात्रा कर रहे थे। इस घटना में कोच C4 की खिड़की का शीशा टूट गया। हालांकि, मोहन भागवत सुरक्षित रहे और कड़ी सुरक्षा के बीच मेरठ पहुंच गए।
रेलवे की सख्त कार्रवाई
लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए Indian Railways ने सख्त रुख अपनाया है। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
Railway Protection Force और Government Railway Police की मदद से दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
चौंकाने वाले आंकड़े
पिछले पांच वर्षों (2021–2025) में:
- कुल 12,157 पथराव के मामले दर्ज हुए
- 8,441 लोगों की गिरफ्तारी की गई
2023 के बाद से:
- 7,900 से अधिक घटनाएं सामने आईं
- 4,500 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं
इसके अलावा 2021–2025 के बीच रेलवे ने:
- 82,000 से अधिक गिरफ्तारियां कीं
- 50,000 से ज्यादा मामलों को अदालत में पहुंचाया
सख्त सजा का प्रावधान
रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने लोकसभा में बताया कि ऐसे मामलों में दोषियों को:
- भारी जुर्माना
- और जेल की सजा
दोनों का सामना करना पड़ता है।
‘ऑपरेशन साथी’ के तहत जागरूकता अभियान
Railway Protection Force, Government Railway Police के साथ मिलकर “ऑपरेशन साथी” चला रही है। इसके तहत:
- रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले लोगों को जागरूक किया जा रहा है
- ट्रैक के आसपास पड़े पत्थर व अन्य सामग्री हटाई जा रही है
- संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है
निष्कर्ष
वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेन पर बार-बार हो रहे पथराव न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि देश की महत्वपूर्ण रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। रेलवे की सख्ती और जागरूकता अभियान के बावजूद इन घटनाओं का जारी रहना एक गंभीर चुनौती बना हुआ है।
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