मा योजना होगी और सुदृढ़, क्लेम रिजेक्शन लाया जाएगा न्यूनतम स्तर पर..स्वास्थ्य का आधारभूत ढांचा भी होगा और मजबूत

प्रदेश में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को और सुदृढ़ किया जाएगा। साथ, ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के माध्यम से आधारभूत ढांचे को भी और मजबूत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाकर आमजन को रोगों से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर..

मा योजना होगी और सुदृढ़, क्लेम रिजेक्शन लाया जाएगा न्यूनतम स्तर पर..स्वास्थ्य का आधारभूत ढांचा भी होगा और मजबूत
29-04-2026 - 01:37 PM
29-04-2026 - 01:39 PM

मुख्य सचिव ने की चिकित्सा से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा, टीबी उन्मूलन एवं मा योजना के क्रियान्वयन को सराहा

राजस्थान में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को और सुदृढ़ किया जाएगा। साथ, ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के माध्यम से आधारभूत ढांचे को भी और मजबूत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाकर आमजन को रोगों से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाए जाएंगे।

मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि यह एक महत्वाकांक्षी एवं विजनरी योजना है, जिसके माध्यम से करीब 1.36 करोड़ परिवारों को 25 लाख रूपए तक कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। देशभर में यह अपनी तरह की अनूठी योजना है, जिसमें सामान्य रोगों से लेकर ट्रांसप्लांट तक के जटिल रोगों का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस योजना में इंश्योरेंस कम्पनियों के साथ समन्वय और बेहतर किया जाए, जिससे रोगियों को उपचार लेने में और अधिक सुगमता हो।

एनएचए की बेस्ट प्रैक्टिसेज अपनाएं

मुख्य सचिव ने कहा कि मा योजना के तहत बड़ी संख्या में रोगी राजकीय चिकित्सा संस्थानों को प्राथमिकता दे रहे हैं लेकिन विभिन्न कारणों से राजकीय अस्पतालों में क्लेम रिजेक्शन अधिक रहता है, इसे न्यूनतम स्तर पर लाने के प्रयास किए जाएं। बीमा कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर क्लेम संबंधी समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए। इसके लिए बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने योजना को और सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) को अपनाने के निर्देश दिए। 

भवनों की गुणवत्ता की हो नियमित मॉनिटरिंग

बैठक में मुख्य सचिव ने पीएम-अभीम योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि योजना के तहत निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता एवं समुचित उपयोगिता सुनिश्चित की जाए। निर्माण कार्यों के दौरान प्रभावी पर्यवेक्षण, नियमित मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध पूर्णता पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, जहां आवश्यक हो वहां आधारभूत संरचना के विस्तार के लिए कार्य किए जाएं तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त स्टाफ एवं बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे जमीनी स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें।

आईईसी गतिविधियां बढ़ाएं, टीबी से मृत्यु दर घटाएं

टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीबी उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य हो रहा है लेकिन हमें सतत प्रयासों से टीबी से होने वाली मृत्यु दर को 1 प्रतिशत तक लाना है। इसके लिए अर्ली डायग्नोसिस पर विशेष जोर दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि टीबी मुक्त राजस्थान अभियान को सफल बनाने के लिए आईईसी गतिविधियों को बढ़ाया जाए। उन्होंने अभियान  के अंतर्गत वितरित किए जाने वाले पोषण किट की व्यवस्था की भी जानकारी ली।

मा योजना का लगातार बढ़ा दायरा

प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि मा योजना का दायरा पिछली स्वास्थ्य बीमा योजना की अपेक्षा काफी बढ़ाया गया है। इसमें अब पहले से ज्यादा पैकेज और पहले से ज्यादा अस्पतालों का नेटवर्क उपलब्ध है। साथ ही, इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी प्रारंभ होने से देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों में प्रदेश के नागरिक उपचार ले सकते हैं। योजना का राजकीय चिकित्सा संस्थानों में प्रभावी संचालन होने से आमजन निजी अस्पतालों की अपेक्षा सरकारी अस्पतालों में उपचार को प्राथमिकता दे रहे हैं।

पीएम-अभीम में रिकॉर्ड 94 प्रतिशत व्यय

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि पीएम-अभीम के तहत प्रदेशभर में नव स्वीकृत चिकित्सा संस्थानों का कार्य समय पर पूरा किया जा रहा है। इसके चलते योजना के तहत आवंटित राशि का अधिकतम व्यय सुनिश्चित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत प्राप्त राशि में से रिकाॅर्ड 94 प्रतिशत राशि व्यय की गई।

वर्ष 2025-26 में 19.38 लाख मरीजों को कैशलेस इलाज

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी, श्री हजारी लाल अटल ने बताया कि मा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 19.38 लाख मरीजों को 3888 करोड़ रूपए का कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाया गया।

6547 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त घोषित

निदेशक जनस्वास्थ्य डाॅ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश की 6547 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जा चुका है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदेश को केंद्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है।

बैठक में राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. निधि पटेल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अतिरिक्त मिशन निदेशक डाॅ. टी शुभमंगला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।