भारत के 12 परिचालन परमाणु हथियारों की तैनाती से पाकिस्तान में बढ़ी चिंता, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील

वैश्विक हथियार निगरानी संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की हालिया रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया में बदलते सामरिक संतुलन को लेकर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास वर्तमान में लगभग 190 परमाणु वारहेड..

भारत के 12 परिचालन परमाणु हथियारों की तैनाती से पाकिस्तान में बढ़ी चिंता, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील
13-06-2026 - 10:16 AM

वैश्विक हथियार निगरानी संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की हालिया रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया में बदलते सामरिक संतुलन को लेकर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास वर्तमान में लगभग 190 परमाणु वारहेड (परमाणु हथियार) हैं। इनमें से एक सीमित संख्या, लगभग 12 वारहेड, डिलीवरी सिस्टम के साथ परिचालन रूप से तैनात मानी जा रही है।

इस खुलासे ने क्षेत्रीय सुरक्षा चर्चाओं को नया आयाम दिया है और इस्लामाबाद की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। रिपोर्ट सामने आने के तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार और उसके विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी कर भारत की बढ़ती सामरिक क्षमताओं पर चिंता व्यक्त की। इस्लामाबाद ने यह भी स्वीकार किया कि भारत की परमाणु शक्ति अंतरराष्ट्रीय अनुमानों की तुलना में अधिक बड़ी और अधिक उन्नत हो सकती है।

पाकिस्तान के वरिष्ठ रक्षा अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) मजहर जमील ने कहा, "भारत के सामरिक बल कार्यक्रम, जिसमें अंतरमहाद्वीपीय दूरी तक मार करने वाली मिसाइल प्रणालियां भी शामिल हैं, केवल पाकिस्तान या चीन तक सीमित नहीं हैं। इसका उद्देश्य भारत को एक ऐसी वैश्विक परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित करना है जो प्रमुख पश्चिमी देशों की राजधानियों को भी निशाना बनाने की क्षमता रखती हो।"

सामरिक स्थिरता को लेकर पाकिस्तान की चिंता

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर भारत को उन्नत रक्षा तकनीक उपलब्ध कराने वाले देशों से अपने समर्थन पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। मंत्रालय का कहना है कि भारत का सैन्य आधुनिकीकरण दक्षिण एशिया में मौजूदा सामरिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया उसकी आर्थिक सीमाओं और अपेक्षाकृत धीमी रक्षा विस्तार प्रक्रिया को भी दर्शाती है।

 दूसरी ओर, भारत अपने लंबे समय से घोषित "पहले परमाणु हमला नहीं करने" (No First Use) के सिद्धांत को बनाए रखते हुए अपने सामरिक बलों का आधुनिकीकरण जारी रखे हुए है।

  परमाणु भंडार पर SIPRI के आंकड़े

 SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास लगभग 190 परमाणु वारहेड हैं, जिनमें से करीब 12 परिचालन रूप से तैनात माने जाते हैं। यह पहली बार है जब किसी वैश्विक शोध संस्था ने संकेत दिया है कि भारत के परमाणु भंडार का एक हिस्सा केंद्रीय भंडारण में रखने के बजाय तत्काल उपयोग के लिए तैयार स्थिति में रखा जा सकता है।

रिपोर्ट में भारत की "कैनिस्टराइजेशन" मिसाइल तकनीक में प्रगति का भी उल्लेख किया गया है। इस तकनीक में परमाणु वारहेड को मिसाइल के भीतर सीलबंद कंटेनरों में एकीकृत किया जाता है, जिससे सुरक्षा, गतिशीलता और आवश्यकता पड़ने पर शीघ्र प्रक्षेपण क्षमता में सुधार होता है। भूमि आधारित मिसाइलों, वायु माध्यमों और परमाणु ऊर्जा संचालित पनडुब्बियों से युक्त भारत की विस्तारित परमाणु त्रिस्तरीय क्षमता (न्यूक्लियर ट्रायड) को भी उसकी सामरिक प्रतिरोधक शक्ति को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कारक माना गया है।

क्षेत्रीय परमाणु संतुलन पर नजर

 SIPRI के आंकड़ों के अनुसार, चीन अपने परमाणु शस्त्रागार का लगातार विस्तार कर रहा है और उसके पास अब अनुमानित 620 परमाणु वारहेड हैं। भारत के पास लगभग 190 और पाकिस्तान के पास लगभग 170 परमाणु वारहेड होने का अनुमान है, जबकि पिछले एक वर्ष में पाकिस्तान के भंडार में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। ताजा आकलन से संकेत मिलता है कि दक्षिण एशिया में परमाणु संतुलन धीरे-धीरे बदल रहा है। भारत भूमि, वायु और समुद्र—तीनों क्षेत्रों में अपनी परमाणु डिलीवरी क्षमता को मजबूत कर रहा है, जिससे विश्लेषकों के अनुसार उसकी सामरिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक परिपक्व और प्रभावी होती जा रही है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।