ईरान युद्ध का असर: ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ में खाली सीटें, राजस्थान पर्यटन को झटका

राजस्थान की शाही पहचान मानी जाने वाली लग्ज़री ट्रेन Palace on Wheels इस सीजन में यात्रियों की कमी से जूझ रही है। कभी विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद रही यह ट्रेन, वैश्विक तनाव और खासकर अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण अब खाली सीटों के साथ चलने को..

ईरान युद्ध का असर: ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ में खाली सीटें, राजस्थान पर्यटन को झटका
19-04-2026 - 09:28 AM

जयपुर। राजस्थान की शाही पहचान मानी जाने वाली लग्ज़री ट्रेन Palace on Wheels इस सीजन में यात्रियों की कमी से जूझ रही है। कभी विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद रही यह ट्रेन, वैश्विक तनाव और खासकर अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण अब खाली सीटों के साथ चलने को मजबूर है।

1982 से संचालित इस ट्रेन ने Jaisalmer जैसे पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन इस बार सीजन के अंत तक बुकिंग में भारी गिरावट देखी गई है, जो राजस्थान पर्यटन के लिए चिंता का विषय बन गई है।

कमजोर बुकिंग के कारण ट्रिप रद्द

रिपोर्ट के मुताबिक, सीजन की अंतिम यात्रा में केवल 30 यात्री ही सवार हुए, जबकि ट्रेन की कुल क्षमता 84 यात्रियों की है। इसके बाद निर्धारित दो यात्राओं को खराब बुकिंग के कारण पहले ही रद्द करना पड़ा।

नियमों के अनुसार, एक ट्रिप के संचालन के लिए कम से कम 14 केबिन बुक होना जरूरी है, लेकिन इस सीजन में कई बार 10 बुकिंग भी नहीं हो पाईं। कुल 32 निर्धारित यात्राओं में से 10 को रद्द करना पड़ा, जिससे टूर ऑपरेटर्स को भारी नुकसान की आशंका है।

43 साल में दूसरा बड़ा झटका

अपने 43 साल के इतिहास में यह दूसरी बार है जब लगभग एक-तिहाई यात्राएं एक ही सीजन में रद्द हुई हैं। पिछले साल भी Israel–Hamas war और Russia–Ukraine war जैसे वैश्विक संघर्षों के चलते 10 यात्राएं रद्द करनी पड़ी थीं।

कोविड-19 महामारी के बाद से ही इस ट्रेन की लोकप्रियता में गिरावट आई है। हालांकि दिसंबर 2022 में सेवाएं फिर शुरू हुईं और 2023 में इसे निजीकरण के बाद आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया, फिर भी विदेशी पर्यटकों की रुचि में खास सुधार नहीं हुआ।

महंगे टिकट भी बने वजह

इस ट्रेन के टिकट 6 लाख रुपये से लेकर 21 लाख रुपये तक हैं, जो मांग में कमी का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। टूर ऑपरेटर आई.वी. सिंह के अनुसार, पहले ट्रेन में 70-80% तक ऑक्यूपेंसी रहती थी, लेकिन इस सीजन में यह घटकर लगभग 26% रह गई।

राजस्थान पर्यटन पर व्यापक असर

यात्रियों की कमी का असर सिर्फ ट्रेन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पर्यटन तंत्र पर पड़ रहा है। Jaisalmer और अन्य विरासत शहरों में लोक कलाकारों, होटल व्यवसायियों, गाइड्स और छोटे व्यापारियों की आय प्रभावित हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं होते, तब तक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में सुधार मुश्किल रहेगा, जिसका सीधा असर राजस्थान जैसे पर्यटन-निर्भर राज्यों पर पड़ता रहेगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।