भारत बंद आज: क्या खुला रहेगा, क्या बंद रहेगा.. यहां देखें पूरी जानकारी
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ अपने जारी आंदोलन के तहत गुरुवार, 12 फरवरी को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है..
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ अपने जारी आंदोलन के तहत गुरुवार, 12 फरवरी को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है।
यह देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कथित तौर पर 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा आयोजित किया गया है, जिनमें INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC शामिल हैं।
भारत बंद: क्या-क्या बंद रह सकता है?
- स्कूल और कॉलेज: केरल, कर्नाटक और ओडिशा सहित कुछ राज्यों में यदि स्थानीय संगठन बंद को समर्थन देते हैं, तो स्कूल और कॉलेज बंद रह सकते हैं।
- बाजार और स्थानीय दुकानें: जहां हड़ताल में व्यापक भागीदारी होगी, वहां बाजार और दुकानें आंशिक या पूरी तरह बंद रह सकती हैं।
- बैंक: कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करते हुए बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। कुछ शाखाएं बंद रह सकती हैं या सीमित कर्मचारियों के साथ काम कर सकती हैं।
- सार्वजनिक परिवहन: राज्य संचालित बस सेवाएं और स्थानीय परिवहन प्रभावित हो सकते हैं। यात्रियों को देरी, रद्दीकरण या सेवाओं की आवृत्ति कम होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
- यातायात व्यवस्था: कई शहरों में सड़क जाम, प्रदर्शन या सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है, जिससे जाम की स्थिति बन सकती है।
- निजी कार्यालय: निजी कार्यालयों के सामान्य रूप से खुले रहने की उम्मीद है।
भारत बंद: क्या-क्या खुला रहेगा?
- आपातकालीन सेवाएं: अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं बंद के बावजूद सामान्य रूप से संचालित होने की संभावना है।
- एम्बुलेंस सेवाएं: चिकित्सा आपात स्थितियों को देखते हुए एम्बुलेंस सेवाएं बिना रुकावट जारी रहने की उम्मीद है।
- हवाई और रेल सेवाएं: उड़ानें और रेल सेवाएं चलने की संभावना है, लेकिन यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे संभावित देरी या स्थानीय व्यवधानों के कारण अपनी-अपनी एयरलाइंस या IRCTC ऐप से अपडेट जरूर जांच लें।
भारत बंद क्यों बुलाया गया है?
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने बुधवार को घोषणा की कि 12 फरवरी को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में भारत बंद किया जाएगा।
SKM के संयोजक हन्नान मोल्लाह ने इस समझौते का विरोध करते हुए कहा कि इसके भारतीय किसानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेंगे। उन्होंने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने “अमेरिका की चालाकी के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है।”
उन्होंने कहा, “यह समझौता किसानों के साथ विश्वासघात होगा। हम अमेरिका की चालाकी के आगे झुक रहे हैं। सरकार ने आत्मसमर्पण कर दिया है। पीयूष गोयल को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने भारतीय किसानों से विश्वासघात किया है। इसी आधार पर हमने 4 फरवरी से 11 फरवरी तक किसानों के बीच अभियान चलाया और 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है।”
उन्होंने आगे आशंका जताई कि अमेरिकी आयात के मुक्त प्रवाह के सामने भारतीय कृषि उत्पाद प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे, जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा।
उन्होंने कहा, “SKM ने अमेरिका, यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड के साथ सरकार के समझौतों का अध्ययन किया है। SKM शुरू से ही इसके खिलाफ रहा है। कमजोर देश के लिए ऐसे समझौते लाभकारी नहीं होते। वे अपने सस्ते उत्पाद हमारे देश में भेजेंगे और हमारे बाजार सस्ते सामान से भर जाएंगे। हमारा देश उनसे प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा और हमारे किसान बर्बाद हो जाएंगे।”
What's Your Reaction?