किसान संगठनों ने केंद्र को चेताया, कहा- अगर पंजाब सरकार के प्रतिनिधि शामिल हुए तो 4 मई की बातचीत का बहिष्कार करेंगे

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया है कि किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच 4 मई को प्रस्तावित बैठक में पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों को आमंत्रित न किया जाए..

किसान संगठनों ने केंद्र को चेताया, कहा- अगर पंजाब सरकार के प्रतिनिधि शामिल हुए तो 4 मई की बातचीत का बहिष्कार करेंगे
29-04-2025 - 01:20 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया है कि किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच 4 मई को प्रस्तावित बैठक में पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों को आमंत्रित न किया जाए।
किसान संगठनों ने स्पष्ट किया कि अगर बैठक में पंजाब सरकार के प्रतिनिधि शामिल होते हैं, तो वे बातचीत का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।

दोनों किसान संगठनों ने चौहान को पत्र लिखते हुए कहा है कि वे इस दृढ़ मत पर कायम हैं कि कृषि से जुड़े मुद्दों का समाधान केवल वार्ता के माध्यम से ही संभव है, और इसके लिए वे हमेशा तैयार हैं।
पत्र में लिखा गया है, "हमारी आखिरी बैठक 19 मार्च को चंडीगढ़ में बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि अगली बैठक 4 मई को होगी। लेकिन उस बैठक के बाद पंजाब सरकार ने किसान नेताओं के साथ विश्वासघात करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। राज्य सरकार ने शंभू और खनौरी बार्डर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर बल प्रयोग कर उनका अपमान किया और उनकी आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई।" यह पत्र जगजीत सिंह डलेवाल, अभिमन्यु कोहाड़ और अन्य किसान नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित है।

पत्र में आगे कहा गया है, "हम निवेदन करते हैं कि 4 मई को प्रस्तावित बैठक में पंजाब सरकार के किसी भी प्रतिनिधि को शामिल न किया जाए। यदि राज्य सरकार के प्रतिनिधि बैठक में शामिल होते हैं, तो दोनों किसान संगठन न्याय और देशभर के किसानों की भावनाओं के अनुरूप बातचीत से दूर रहने के लिए विवश होंगे। हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस संदर्भ में अपने रुख को पत्र के माध्यम से जल्द से जल्द स्पष्ट करें।"

19 मार्च को किसानों के साथ हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रियों के अलावा पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुदियां और खाद्य आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक भी मौजूद थे, क्योंकि पंजाब सरकार ने उस समय मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।

बताते चलें कि 13 फरवरी 2023 से प्रदर्शनकारी किसान पंजाब-हरियाणा के शंभू (शंभू-अंबाला) और खनौरी (संगरूर-जींद) बॉर्डर पॉइंट्स पर डेरा डाले हुए थे, जब उनकी दिल्ली कूच को सुरक्षाबलों ने रोक दिया था। बाद में 19 मार्च को पंजाब पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक वहां से हटाया।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।