पश्चिमी विक्षोभ हुआ बेहद सक्रिय: उत्तराखंड में हिमस्खलन अलर्ट, दिल्ली-एनसीआर में आज येलो अलर्ट
उत्तरी भारत के पर्वतीय क्षेत्र एक बार फिर भीषण मौसम के लिए तैयार हो रहे हैं, क्योंकि एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय से होकर गुजर रहा है। पहले से ही भारी बर्फबारी से जूझ रहे कई पहाड़ी राज्यों में आने वाले कुछ दिनों में ताजा बर्फबारी, बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को..
उत्तरी भारत के पर्वतीय क्षेत्र एक बार फिर भीषण मौसम के लिए तैयार हो रहे हैं, क्योंकि एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय से होकर गुजर रहा है। पहले से ही भारी बर्फबारी से जूझ रहे कई पहाड़ी राज्यों में आने वाले कुछ दिनों में ताजा बर्फबारी, बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह मौसम प्रणाली 28 जनवरी तक सक्रिय रहेगी। इसका असर न केवल हिमालयी राज्यों पर पड़ेगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलेगा। जहां पर्यटक बर्फ से ढकी वादियों का आनंद ले रहे हैं, वहीं स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी की संभावना
IMD ने 28 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी हिमपात हो सकता है, जिससे हिमस्खलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 27 जनवरी को तीव्र बर्फबारी होने की संभावना है, जबकि उत्तराखंड में 27 और 28 जनवरी को इसी तरह के हालात बन सकते हैं। चेतावनी दी गई है कि खराब मौसम के चलते सड़कों के बंद होने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और संचार सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी
पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी दिखेगा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में मंगलवार को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज झोंकों वाली हवाएं चलने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर के लिए IMD ने येलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार सुबह से दोपहर तक बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इस दौरान तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है, जिससे राजधानी में ठंड और बढ़ेगी।
हवाओं की गति 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकते हैं। IMD ने उत्तराखंड के मैदानी इलाकों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी है।
हिमाचल प्रदेश में सड़कें और बिजली आपूर्ति प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश के कारण पहले से ही जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य में 1,250 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे यातायात और रोजमर्रा की जिंदगी पर गंभीर असर पड़ा है। बर्फ जमा होने के कारण कई दूरदराज के गांवों का संपर्क टूट गया है।
बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। राज्य में 1,942 वितरण ट्रांसफार्मर क्षेत्र (DTR) ठप बताए गए हैं। शिमला जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां 789 DTR बंद हैं। इसके बाद सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा जिलों में भी बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
इन परेशानियों के बावजूद, शिमला, मनाली और कुफरी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
उत्तराखंड में हिमस्खलन अलर्ट जारी
उत्तराखंड में रविवार को कई उच्च हिमालयी जिलों के लिए हिमस्खलन को लेकर उच्च स्तरीय चेतावनी जारी की गई। यह अलर्ट स्नो एंड एवलांच स्टडी एस्टैब्लिशमेंट (SASE) से मिले इनपुट के आधार पर जारी किया गया है। डिफेंस जियोस्पेशियल इंफॉर्मेशन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (DGRE) ने एक बुलेटिन जारी कर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग स्तर के खतरे की जानकारी दी है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, बर्फबारी के कारण उत्तराखंड में छह राष्ट्रीय राजमार्ग और 66 अन्य सड़कें बंद हो गई हैं। जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव दल तैयार हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बंद किए गए छह राष्ट्रीय राजमार्ग इस प्रकार हैं:
- ऋषिकेश–बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग
- गोपेश्वर–मंडल–चोपता मार्ग
- जोशीमठ–मलारी–नीति मार्ग
- ऋषिकेश–यमुनोत्री राजमार्ग (राड़ीटॉप से ओरछाबांध तक बंद)
- ऋषिकेश–गंगोत्री राजमार्ग (गंगनानी से आगे बंद)
- टिहरी जिले में चंबा–धनोल्टी–सुआखोली मार्ग
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 30 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित कर सकता है, जिससे बारिश और बर्फबारी का एक और दौर आ सकता है। हालांकि 28 जनवरी के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद जताई गई है।
IMD के अनुसार, मौजूदा मौसम प्रणाली के गुजरने के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जो धीरे-धीरे गर्माहट की ओर इशारा करती है।
धीरे-धीरे गर्माहट की ओर राजस्थान में मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र की ओर से अनुमान जारी किया गया है कि..
* आज पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में सर्वाधिक असर होने की प्रबल संभावना है। आज कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग के कुछ भागों में तीव्र मेघगर्जन के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओलावृष्टि व वज्रपात होने की भी संभावना है।
* कल 28 जनवरी से राज्य के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने तथा तेज उत्तरी हवाओं के प्रभाव से तापमान में 3-4 डिग्री गिरावट होने की संभावना है। 29-30 जनवरी को कहीं-कहीं घना कोहरा भी सुबह के समय दर्ज होने की संभावना है।
* एक और नया पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 31 जनवरी व 1 फरवरी को पुनः राज्य के उत्तरी व पूर्वी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
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