महात्मा गाँधी मेडिकल कॉलेज, जयपुर में राइनोप्लास्टी कॉन्फ्रेंस का आयोजन
राइनोप्लास्टी सोसायटी ऑफ इंडिया की नेशनल कॉन्फ्रेंस महात्मा गाँधी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, जयपुर आयोजित हुई। तीन दिवसीय यह राष्ट्रीय सम्मेलन 10 से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया गया जिसमें देश-विदेश के लगभग 150 प्रसिद्ध ईएनटी एवं प्लास्टिक सर्जन्स ने भाग..
जयपुर। राइनोप्लास्टी सोसायटी ऑफ इंडिया की नेशनल कॉन्फ्रेंस महात्मा गाँधी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, जयपुर आयोजित हुई। तीन दिवसीय यह राष्ट्रीय सम्मेलन 10 से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया गया जिसमें देश-विदेश के लगभग 150 प्रसिद्ध ईएनटी एवं प्लास्टिक सर्जन्स ने भाग लिया।
इस सम्मेलन के ऑर्गेनाइजिंग चैयरमेन डॉ. तरुण ओझा और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुनील तंवर ने बताया कि सम्मेलन में लाइव सर्जिकल डेमोन्स्ट्रेशन, केडेवर डिसेक्शन, वैज्ञानिक सत्र तथा पैनल डिस्कशन आयोजित किए गए।
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी के संस्थापक डॉ एमएल स्वर्णकार ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मेडिकल साइंस में सीखने की प्रक्रिया सतत रूप से जारी रहनी चाहिए एवं राइनोप्लास्टी जैसी संवेदनशील एवं सूक्ष्म सर्जरी के लिये आधुनिक तकनीकों जैसे ऐ आई का इस्तेमाल करने से बेहतर परिणाम एवं पेशेंट संतुष्टि प्राप्त की जा सकती है।
मुख्य ऑपरेटिंग फैकल्टी के रूप में डॉ. विटाली (रूस), डॉ. यूरी (रूस), डॉ. वीरेंद्र घईसास (पुणे), डॉ. लोकेश कुमार (नयी दिल्ली), डॉ. सुनील तंवर (जयपुर) और डॉ. तरुण ओझा (जयपुर) ने अपनी सर्जिकल विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया। डॉक्टर ओझा ने बताया कि राइनोप्लास्टी एक ऐसा ऑपरेशन है जो नाक की आकृति (shape) को सुधारने के लिए किया जाता है। कई बार किसी व्यक्ति की नाक दुर्घटना, चोट या जन्मजात विकृति के कारण विकृत हो जाती है।
ऐसे लोगों की नाक की बनावट और आकार को सुधारने के लिए यह सर्जरी की जाती है। डॉक्टर तंवर ने बताया कि राइनोप्लास्टी अत्यंत सटीक तकनीक और उच्च सर्जिकल कौशल ( स्किल ) की माँग करती है, क्योंकि इसमें नाक की कार्यात्मक और सौंदर्यात्मक (फंक्शनल और कॉस्मेटिक) दोनों पक्षों को संतुलित करना होता है।
डॉ ओझा ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय राइनोप्लास्टी की नवीनतम तकनीकें, फेसियल एस्थेटिक्स और रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में प्रगति है।
राइनोप्लास्टी सोसाइटी ऑफ इंडिया के नेशनल प्रेसिडेंट एवँ महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के वाईस चांसलर डॉ अचल गुलाटी ने बताया ऐसे सम्मेलन न केवल सर्जनों के तकनीकी कौशल को निखारते हैं बल्कि आपसी सहयोग और ज्ञानवृद्धि को भी प्रोत्साहित करते हैं, जिससे मरीजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधा मिल सके।आर एस आई ग्लोबल अपडेट 2025 का उद्देश्य युवा सर्जनों को राइनोप्लास्टी की बारीकियों से परिचित कराना और फेसियल प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।
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