संजय राउत फिर भड़के: उद्धव ठाकरे की अहम बैठक से गायब रहे बागी सांसदों पर साधा निशाना, कहा- पार्टी से की गद्दारी

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने गुरुवार को एक बार फिर पार्टी के बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण संसदीय बैठक में कई सांसदों की गैरमौजूदगी पर राउत ने नाराजगी जताते हुए उन्हें "गद्दार", "बेईमान" और "धोखेबाज" करार..

संजय राउत फिर भड़के: उद्धव ठाकरे की अहम बैठक से गायब रहे बागी सांसदों पर साधा निशाना, कहा- पार्टी से की गद्दारी
19-06-2026 - 09:31 AM

नयी दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने गुरुवार को एक बार फिर पार्टी के बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण संसदीय बैठक में कई सांसदों की गैरमौजूदगी पर राउत ने नाराजगी जताते हुए उन्हें "गद्दार", "बेईमान" और "धोखेबाज" करार दिया।

9 में से केवल 3 सांसद पहुंचे बैठक में

नई दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल तीन ही उपस्थित हुए। पार्टी द्वारा सभी सांसदों की उपस्थिति अनिवार्य करते हुए तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया था लेकिन इसके बावजूद अधिकांश सांसदों के अनुपस्थित रहने से पार्टी में संभावित टूट की अटकलें और तेज हो गई हैं।

गैरहाजिर सांसदों पर बरसे राउत

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संजय राउत ने अनुपस्थित सांसदों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता पार्टी के साथ विश्वासघात कर रहे हैं और बगावत के जरिए संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार राउत ने इस दौरान अपमानजनक और अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया, जिसे यहां उद्धृत नहीं किया जा रहा है।

एक दिन पहले भी किया था तीखा हमला

यह लगातार दूसरा दिन है जब संजय राउत ने बागी नेताओं पर आक्रामक रुख अपनाया है। एक दिन पहले भी उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए टीवी चैनलों और पत्रकारों से कहा था कि उनके बयान को संपादित न किया जाए और उसे उसी रूप में प्रसारित किया जाए।

बाद में अपने शब्दों का बचाव करते हुए राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में इस तरह की भाषा आम बोलचाल का हिस्सा है और उन्हें यह अच्छी तरह पता है कि किस जगह किस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) में टूट की अटकलें तेज

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद, जो अलग समूह बनाने के लिए आवश्यक दो-तिहाई संख्या पूरी करते हैं, जल्द ही एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम सकते हैं।

इसी संभावना को लेकर "ऑपरेशन टाइगर" की चर्चाएं भी तेज हैं। माना जा रहा है कि यह अभियान वर्ष 2022 की तरह एक और बड़े राजनीतिक विभाजन की रणनीति हो सकता है, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बगावत के बाद शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई थी।

महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल

सांसदों की अनुपस्थिति और संजय राउत के तीखे तेवरों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। यदि छह सांसद वास्तव में अलग गुट बनाते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है और राज्य की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।