‘अगर हम काफिर हैं तो हमारी बनाई सड़कों पर मत चलो’: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर विवाद
मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री Kailash Vijayvargiya के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि कुछ लोग उन्हें और अन्य गैर-मुस्लिम जनप्रतिनिधियों को "काफिर" कहते हैं, तो उन्हें उनकी बनाई सड़कों पर नहीं चलना चाहिए और सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं लेना..
इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री Kailash Vijayvargiya के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि कुछ लोग उन्हें और अन्य गैर-मुस्लिम जनप्रतिनिधियों को "काफिर" कहते हैं, तो उन्हें उनकी बनाई सड़कों पर नहीं चलना चाहिए और सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं लेना चाहिए।
विजयवर्गीय ने यह टिप्पणी रविवार को इंदौर में विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान की। उनके बयान का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद इस पर चर्चा तेज हो गई।
सड़क परियोजना का जिक्र करते हुए दिया बयान
अपने विधानसभा क्षेत्र में एक सड़क परियोजना का उल्लेख करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, "यहां सड़क बन रही है। मैंने देखा कि यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों भाई रहते हैं। कई मुस्लिम भाई हमें 'काफिर' कहते हैं। अगर हम काफिर हैं और हमने सड़क बनाई है, तो भाई उस सड़क पर मत चलो।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर हम काफिर हैं और लाड़ली बहना योजना तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा आपके घर आ रहा है, तो उसे भी मत लो।"
सरकार पर भेदभाव न करने का दावा
शहरी विकास, आवास और संसदीय कार्य विभाग संभाल रहे विजयवर्गीय ने कहा कि राज्य सरकार ने कभी भी किसी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीति "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" पर आधारित है।
मंत्री ने कहा, "आप हमें वोट दें या न दें, जनता की सेवा करना हमारा कर्तव्य है।"
'काफिर' शब्द का अर्थ
'काफिर' शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर इस्लाम धर्म में उन लोगों के लिए किया जाता है जो इस्लाम में विश्वास नहीं करते या उसके मूल सिद्धांतों को स्वीकार नहीं करते। हालांकि, इस शब्द की व्याख्या और उपयोग अलग-अलग समय और संदर्भों में भिन्न रहा है।
2.40 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण
रविवार को विजयवर्गीय ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 2.40 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें नाली निर्माण और सीमेंट-कंक्रीट सड़क परियोजनाएं शामिल थीं।
बयान पर शुरू हुई राजनीतिक प्रतिक्रिया
मंत्री के इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं, जबकि समर्थकों का तर्क है कि विजयवर्गीय ने उन लोगों को जवाब दिया है जो गैर-मुस्लिमों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हैं।
फिलहाल इस मामले पर विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है।
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