राजस्थान में मस्जिदों के ध्वस्तीकरण पर रोक लगे: ओवैसी ने अमित शाह से की अपील
एआईएमआईएम (AIMIM) के अध्यक्ष एवं Asaduddin Owaisi ने रविवार को आरोप लगाया कि राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मस्जिदों, दरगाहों और अन्य मुस्लिम धार्मिक स्थलों को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाकर ध्वस्त किया जा..
नयी दिल्ली। एआईएमआईएम (AIMIM) के अध्यक्ष एवं Asaduddin Owaisi ने रविवार को आरोप लगाया कि राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मस्जिदों, दरगाहों और अन्य मुस्लिम धार्मिक स्थलों को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाकर ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से हस्तक्षेप कर इस कार्रवाई को रोकने की अपील की।
सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर किए गए एक पोस्ट में ओवैसी ने दावा किया कि राजस्थान के बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में कई धार्मिक स्थलों को तोड़ा गया है। उन्होंने इन कार्रवाइयों को “भेदभावपूर्ण और लक्षित” बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ओवैसी ने कहा कि उन्होंने एआईएमआईएम के बीकानेर जिला अध्यक्ष शफी जमील कासमी से बातचीत की। कासमी ने उन्हें जानकारी दी कि बीकानेर में चार मस्जिदों तथा फलोदी, जैसलमेर और बाड़मेर में नौ मस्जिदों एवं दरगाहों को पहले ही ध्वस्त किया जा चुका है। ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में सैकड़ों अन्य धार्मिक स्थलों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
‘केवल मुस्लिम उपासना स्थलों को बनाया जा रहा निशाना’
ओवैसी के अनुसार, जिन धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की जा रही है, उनमें जैसलमेर के रामगढ़-तनोट बाईपास मार्ग पर स्थित लगभग 250 वर्ष पुरानी हजरत महमूद शाह जिलानी दरगाह भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन इन ध्वस्तीकरण कार्रवाइयों का आधार राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बता रहा है। हालांकि, ओवैसी ने इस तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों का ऐसी किसी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो।
उन्होंने आरोप लगाया, “केवल मुस्लिम धार्मिक स्थलों को ही निशाना बनाया जा रहा है।”
एआईएमआईएम प्रमुख ने यह भी कहा कि अधिकारियों ने कुछ धार्मिक ढांचों पर चारागाह (गोचर) भूमि पर बने होने का आरोप लगाया है। लेकिन जिन मामलों में दस्तावेजों से यह साबित हुआ कि ढांचे निजी भूमि पर स्थित हैं, वहां कार्रवाई का आधार बदलकर आवश्यक अनुमति या स्वीकृति के अभाव को बताया जाने लगा।
अपने पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए ओवैसी ने केंद्र सरकार से मामले की समीक्षा करने और उनके अनुसार “अवैध ध्वस्तीकरण” को रोकने की मांग की।
हालांकि, ओवैसी के आरोपों पर राजस्थान सरकार या संबंधित जिला प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और अधिकारियों ने अभी तक एआईएमआईएम नेता द्वारा लगाए गए विशिष्ट आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
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