केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बड़ी राहत, मोदी सरकार का आदेश – बिना गलती पाए पेंशन में कटौती नहीं की जा सकती
केंद्र सरकार ने करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बड़ी राहत दी है। मोदी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एक बार पेंशन या पारिवारिक पेंशन तय हो जाने के बाद, उसमें किसी भी प्रकार की कटौती या बदलाव नहीं किया जा सकता, जब तक उसमें स्पष्ट रूप से कोई लिपिकीय या गणना संबंधी त्रुटि न..
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बड़ी राहत दी है। मोदी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एक बार पेंशन या पारिवारिक पेंशन तय हो जाने के बाद, उसमें किसी भी प्रकार की कटौती या बदलाव नहीं किया जा सकता, जब तक उसमें स्पष्ट रूप से कोई लिपिकीय या गणना संबंधी त्रुटि न पाई जाए।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने यह आदेश 30 अक्टूबर 2025 को जारी किया है।
दो वर्ष के बाद बिना अनुमति पेंशन में बदलाव नहीं
नए आदेश के अनुसार, यदि पेंशन या पारिवारिक पेंशन में किसी प्रकार की गलती दो वर्ष से अधिक समय बाद पाई जाती है, तो उसमें कोई भी कटौती या संशोधन DoPPW की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता।
ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है, “एक बार जब पेंशन या पारिवारिक पेंशन को सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 के नियम 66(1) के तहत अंतिम रूप से स्वीकृत या संशोधित कर दिया जाता है, तो उसे पेंशनधारक के प्रतिकूल तब तक संशोधित नहीं किया जा सकता जब तक कि उसमें कोई लिपिकीय त्रुटि न पाई जाए।”
विभाग ने आगे कहा, “यदि यह त्रुटि पेंशन या पारिवारिक पेंशन स्वीकृत या संशोधित किए जाने की तारीख से दो वर्ष बाद पाई जाती है, तो बिना DoPPW की पूर्व अनुमति के कोई भी कटौती नहीं की जाएगी।”
पहले क्या होता था?
पहले कई मामलों में सेवानिवृत्ति के कई वर्ष बाद भी संबंधित विभाग “गलत गणना” बताकर पेंशन घटा देते थे या रिकवरी नोटिस जारी कर देते थे। अब सरकार के इस आदेश से ऐसी प्रथाओं पर पूर्ण विराम लग गया है।
अगर गलती से अधिक पेंशन मिल जाए तो क्या होगा?
यदि किसी पेंशनधारक को गलती से अधिक राशि का भुगतान हो जाता है, और यह उसकी गलती या गलत जानकारी देने के कारण नहीं हुआ है, तो संबंधित मंत्रालय को यह निर्णय लेना होगा कि क्या अतिरिक्त राशि वापस ली जाए या माफ की जाए।
इसके लिए मंत्रालय को व्यय विभाग (Department of Expenditure) से परामर्श करना होगा।
यदि यह तय होता है कि अतिरिक्त राशि की वसूली की जाएगी, तो पेंशनधारक को दो महीने का नोटिस दिया जाएगा ताकि वह स्वयं राशि लौटा सके।
यदि पेंशनधारक ऐसा नहीं करता, तो यह राशि भविष्य की पेंशन से किस्तों में काटी जा सकती है।
ऑफिस मेमोरेंडम में यह भी कहा गया है, “यदि पेंशन या पारिवारिक पेंशन के पुनरीक्षण के बाद यह पाया जाता है कि पेंशनधारक को अधिक भुगतान किया गया है, और यह भुगतान किसी गलत जानकारी के कारण नहीं हुआ है, तो संबंधित मंत्रालय को व्यय विभाग से परामर्श करके यह निर्णय लेना होगा कि वसूली की जाए या माफ की जाए।”
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