जयपुर में नूरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर, पूरे शहर में इंटरनेट बंद; कड़ी सुरक्षा के बीच कार्रवाई

राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर क्षेत्र स्थित चार मंजिला नूरानी मस्जिद को सोमवार सुबह सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इंटरनेट सेवाएं भी 24 घंटे के लिए बंद..

जयपुर में नूरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर, पूरे शहर में इंटरनेट बंद; कड़ी सुरक्षा के बीच कार्रवाई
09-06-2026 - 08:43 AM

राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर क्षेत्र स्थित चार मंजिला नूरानी मस्जिद को सोमवार सुबह सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इंटरनेट सेवाएं भी 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई हैं।

सुबह 7 बजे शुरू हुई कार्रवाई

नूरानी मस्जिद को गिराने की कार्रवाई सोमवार सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई। इस दौरान पूरे इलाके को हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और आसपास के क्षेत्र में आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाती रही।

रविवार शाम की नमाज के बाद मस्जिद को बंद कर दिया गया था और सोमवार सुबह जब तोड़फोड़ शुरू हुई, तब मस्जिद कमेटी का कोई प्रतिनिधि मौके पर मौजूद नहीं था।

पूरे जयपुर में 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सोमवार आधी रात से पूरे जयपुर शहर में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं। इसके साथ ही पूरे शहर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

मस्जिद कमेटी और कांग्रेस विधायकों ने जताया विरोध

इस कार्रवाई को लेकर मस्जिद प्रबंधन समिति और कांग्रेस के दो विधायकों ने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि प्रशासन मनमाने ढंग से मस्जिद को ध्वस्त कर रहा है और इस मामले में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

सड़क चौड़ीकरण परियोजना का हिस्सा है कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई क्षेत्र में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इसी परियोजना के अंतर्गत आसपास स्थित कई अन्य निर्माण पहले ही हटाए जा चुके हैं।

नूरानी मस्जिद के अलावा परियोजना क्षेत्र में आने वाले एक दरगाहनुमा स्थल, एक सत्संग भवन और दो छोटे मंदिरों को भी हटाए जाने की तैयारी है।

1981 में बनी थी मस्जिद

मस्जिद प्रबंधन समिति के अनुसार, नूरानी मस्जिद का निर्माण वर्ष 1981 में किया गया था। रविवार शाम स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक मुसाफिरखाने में विशेष दुआ का आयोजन किया और मस्जिद की सुरक्षा की प्रार्थना की।

आधे किलोमीटर का सुरक्षा घेरा, मीडिया की भी सीमित पहुंच

प्रशासन ने मस्जिद के आसपास लगभग आधा किलोमीटर का सुरक्षा घेरा बनाया है। रविवार मध्यरात्रि से ही इलाके में लोगों के आने-जाने पर कड़ी पाबंदी लगा दी गई थी। मीडिया कर्मियों को भी घटनास्थल से कई सौ मीटर पहले ही रोक दिया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, ध्वस्तीकरण अभियान शाम तक जारी रहने की संभावना है। अब तक किसी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की सूचना नहीं मिली है।

जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद

जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) का दावा है कि मस्जिद लीज पर दी गई जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी, इसलिए इसे हटाया गया।

वहीं, मस्जिद प्रबंधन समिति इस दावे को खारिज करते हुए कहती है कि वर्ष 1981 में निर्माण शुरू होने से पहले यह जमीन एक हाउसिंग सोसायटी से विधिवत खरीदी गई थी और निर्माण कानूनी रूप से किया गया था।

सोशल मीडिया और ड्रोन से निगरानी

प्रशासन ने अफवाह फैलाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि पूरे इलाके की ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गयी।

अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का उद्देश्य किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाहों को फैलने से रोकना और शहर में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखना था।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।