“आरएसएस आज़ादी और महिलाओं को मताधिकार देने के खिलाफ था” : मल्लिकार्जुन खड़गे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में आरएसएस (RSS) की खुलकर प्रशंसा करने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कड़ा प्रहार किया। खड़गे ने दावा किया कि यह संगठन ब्रिटिश हुकूमत से आज़ादी का विरोधी रहा..

“आरएसएस आज़ादी और महिलाओं को मताधिकार देने के खिलाफ था” : मल्लिकार्जुन खड़गे
19-08-2025 - 09:14 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में आरएसएस (RSS) की खुलकर प्रशंसा करने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कड़ा प्रहार किया। खड़गे ने दावा किया कि यह संगठन ब्रिटिश हुकूमत से आज़ादी का विरोधी रहा था।

बिहार के सासाराम में आयोजित वोटर्स अधिकार यात्रा’ के शुभारंभ कार्यक्रम में खड़गे ने यह बयान दिया। इस मौके पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद समेत अन्य महागठबंधन सहयोगी भी मौजूद थे।

खड़गे ने कहा, मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दो दिन पहले दावा किया कि आरएसएस सबसे बड़ा एनजीओ है, जो लगभग 100 वर्षों से निस्वार्थ भाव से राष्ट्र के लिए काम कर रहा है और उसे स्वतंत्रता का श्रेय मिलना चाहिए। हमारे स्वतंत्रता सेनानी कब्रों में करवटें बदल रहे होंगे।”

उन्होंने सवाल किया, इन आरएसएस वालों को बताना चाहिए कि स्वतंत्रता संग्राम में उनकी क्या भूमिका थी? वे आज़ादी के खिलाफ थे। वे महात्मा गांधी और उनके अनुयायियों के भी विरोधी थे, जिन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़कर जेलें भरीं और आज़ादी की लड़ाई लड़ी। उस समय आरएसएस वाले सिर्फ अंग्रेज शासकों के प्रति वफादारी जताने और गिरफ्तारी से बचने के लिए दया की भीख मांगने का काम करते थे। और मोदी आज कहते हैं जो कहते हैं... इसलिए मैं कहता हूं मोदी बहुत खतरनाक आदमी हैं। अगर लोग अपने वोट देने का अधिकार सुरक्षित रखना चाहते हैं तो उन्हें मोदी को सत्ता से बाहर करना होगा।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी चुनाव जीतते भी “वोट चोरी” करके हैं और सत्ता में रहकर नौजवानों की नौकरियाँ और किसानों का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी “चुराते” हैं। उनका कहना था कि मोदी सरकार का असली ध्यान सिर्फ स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम बदलने पर है।

खड़गे ने आगे आरोप लगाया, ये लोग विपक्षी दलों को हर संभव तरीके से परेशान कर रहे हैं। केंद्र द्वारा नियुक्त राज्यपाल संघीय सरकार के कठपुतली बन चुके हैं। चुनाव आयोग भी इनका एजेंट बन गया है।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि आरएसएस और उसके समर्थक सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Adult Franchise) के भी विरोधी थे, खासकर महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने के खिलाफ।
खड़गे ने कहा, उन्होंने जवाहरलाल नेहरू को चेताया था कि सशक्त महिलाएं उन्हें सत्ता से बाहर कर देंगी लेकिन नेहरू ने बीआर अंबेडकर जैसे सहयोगियों के साथ प्रगतिशील रुख अपनाया और महिलाओं व वंचित तबकों को उनका हक दिलाया।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने याद दिलाया कि सासाराम वह लोकसभा क्षेत्र है, जिसका कई बार प्रतिनिधित्व दलित नेता बाबू जगजीवन राम ने कांग्रेस टिकट पर किया।
उन्होंने कहा, जगजीवन राम के बाद उनकी बेटी मीरा कुमार ने विरासत संभाली और वह लोकसभा की पहली महिला अध्यक्ष बनीं। मैं बिहार की जनता से आग्रह करता हूं कि इन बातों को ध्यान में रखें।”

खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि यहाँ मतदाताओं के अधिकारों पर हमला हो रहा है। विशेष गहन संशोधन (SIR) के नाम पर 65 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इनमें से अधिकांश दलित, ओबीसी, गरीब प्रवासी मजदूर, महिलाएं और अल्पसंख्यक समुदाय से हैं।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।