टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बिहार की मतदाता सूची से 56 लाख नाम हटाने पर अमित शाह के इस्तीफे की मांग की

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। यह मांग चुनाव आयोग (EC) द्वारा बिहार की मतदाता सूची से 56 लाख नामों को हटाए जाने की जानकारी देने के बाद उठी है,

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बिहार की मतदाता सूची से 56 लाख नाम हटाने पर अमित शाह के इस्तीफे की मांग की
27-07-2025 - 09:30 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। यह मांग चुनाव आयोग (EC) द्वारा बिहार की मतदाता सूची से 56 लाख नामों को हटाए जाने की जानकारी देने के बाद उठी है, जो कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया का हिस्सा है।

संसद भवन की सीढ़ियों पर पत्रकारों से बात करते हुए, मोइत्रा ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में कथित तौर पर अपात्र लोग मतदाता सूची में आखिर शामिल कैसे हो गए। उन्होंने तीखे शब्दों में पूछा, “अगर केंद्र सरकार मानती है कि बिहार में 56 लाख लोगों ने घुसपैठ की है, तो गृह मंत्रालय अब तक क्या कर रहा था?”

चुनाव आयोग ने बुधवार को जो आंकड़े जारी किए, उसमें बताया गया कि हटाए गए 56 लाख नामों में से..

  • 20 लाख मृत व्यक्ति थे,
  • 28 लाख मतदाता अन्य राज्यों में प्रवास कर गए थे,
  • 7 लाख लोग एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए, और
  • 1 लाख मतदाता ऐसे थे जिनसे संपर्क नहीं हो सका।

इस खुलासे ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। विपक्षी दलों ने इन आंकड़ों की सटीकता और मंशा दोनों पर सवाल उठाए हैं।

महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था नहीं, बल्कि भाजपा का विस्तार बन गया है। उन्होंने कहा, “भारत के इतिहास में कभी इतने बड़े पैमाने पर नामों को इस तरह हटाते नहीं देखा गया। मुख्य चुनाव आयुक्त अब तटस्थ अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि भाजपा प्रवक्ता की तरह बोलते हैं।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि केवल 24 घंटे में 'संपर्क में न आने वाले मतदाताओं' की संख्या 11,000 से बढ़कर 1 लाख हो गई, जो इस पूरे अभ्यास की पारदर्शिता और मंशा पर गंभीर संदेह खड़ा करता है।

संसद के भीतर और बाहर इस SIR प्रक्रिया के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी रहे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। उन्होंने “SIR” लिखे प्लाकार्ड हाथ में लिए और बाद में उन्हें कूड़ेदान में फेंक कर चुनाव आयोग की कार्रवाई का प्रतीकात्मक विरोध जताया।

राहुल गांधी ने उठाई पारदर्शिता की मांग

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में अधिक पारदर्शिता की मांग करते हुए पूछा, “चुनाव आयोग सभी राजनीतिक दलों के साथ यह डेटा साझा करने से क्यों बच रहा है? सरकार आखिर छिपा क्या रही है?”

संसद के भीतर भी इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा में स्पीकर ओम बिड़ला ने प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी के चलते कार्यवाही जल्द ही स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश ने जानकारी दी कि उन्हें नियम 267 के तहत कई नोटिस मिले हैं, जिनमें SIR से संबंधित मुद्दा भी शामिल था, लेकिन नियमों की पूर्ति न होने के कारण वे नोटिस अस्वीकार कर दिए गए। इससे नाराज़ विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट किया और बाद में राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित कर दी गई।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।