इमरान खान को जेल में बड़ी राहत: पाकिस्तान हाईकोर्ट ने पूर्व पीएम और उनकी पत्नी को एकांत कारावास में रखने पर रोक लगाई

इस्लामाबाद। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) ने मंगलवार को अडियाला जेल के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एकांत

इमरान खान को जेल में बड़ी राहत: पाकिस्तान हाईकोर्ट ने पूर्व पीएम और उनकी पत्नी को एकांत कारावास में रखने पर रोक लगाई
02-09-2026 - 10:03 AM
02-09-2026 - 10:55 AM

इस्लामाबाद इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) ने मंगलवार को अडियाला जेल के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एकांत कारावास (solitary confinement) में न रखा जाए।

IHC के जस्टिस खादिम हुसैन सूमरो ने यह भी फैसला सुनाया कि उनके कथित एकांत कारावास को चुनौती देने वाली याचिकाएं सुनवाई योग्य (maintainable) थीं।

अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खान के परिवार के सदस्यों को जेल के नियमों के अनुसार उनसे मिलने की अनुमति दी जाए और उनके तथा उनके बेटों के बीच टेलीफोन पर बातचीत की व्यवस्था की जाए।

जेल अधिकारियों को यह भी आदेश दिया गया कि वे खान को रोजाना समाचार पत्र और किताबें उपलब्ध कराएं और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें जेल के नियमों के अनुसार चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हों।

अडियाला जेल अधीक्षक को इन आदेशों को लागू करने और 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट (compliance report) सौंपने का निर्देश दिया गया है।

जस्टिस सूमरो ने खान की बहन अलीमा खानम और बुशरा बीबी की बेटी मुबशरा खावर मनेका द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं पर 6 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें उनके कथित एकांत कारावास को चुनौती दी गई थी।

73 वर्षीय खान कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्होंने और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी ने इन मुकदमों को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनके समर्थकों और रिश्तेदारों ने बार-बार परिवार के सदस्यों से मिलने और चिकित्सा देखभाल तक उनकी पहुंच पर प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।

भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद बुशरा बीबी को पहली बार 31 जनवरी 2024 को जेल भेजा गया था। लगभग नौ महीने जेल में रहने के बाद उन्हें उसी साल 24 अक्टूबर को जमानत पर रिहा कर दिया गया था, लेकिन भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 17 जनवरी 2025 को उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। वह अभी भी अडियाला जेल में हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई की याचिका खारिज की

डॉन न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, एक अलग मामले में पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को खान के चिकित्सा उपचार के संबंध में अपने 18 अगस्त के आदेश का कथित रूप से पालन न करने पर सरकारी अधिकारियों के खिलाफ दायर अवमानना ​​याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए खान की बहन उज्मा खान के अनुरोध को खारिज कर दिया।

इस साल की शुरुआत में सामने आई आंखों की बीमारी सहित उनके स्वास्थ्य को लेकर उनके परिवार और समर्थकों द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को सरकार को आदेश दिया था कि खान को निजी तौर पर संचालित शिफा इंटरनेशनल अस्पताल (Shifa International Hospital) में शिफ्ट किया जाए।

हालांकि, 20-21 अगस्त की रात को, खान को शिफा अस्पताल के बजाय चिकित्सा प्रक्रिया और नैदानिक ​​जांच (diagnostic examinations) के लिए सरकार द्वारा संचालित पाकिस्तान आयुर्विज्ञान संस्थान (PIMS) में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें वापस अडियाला जेल ले जाया गया।

उज्मा की याचिका में आरोप लगाया गया कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का उल्लंघन है, जिसमें निर्देश दिया गया था कि खान को 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक इस्लामाबाद के अस्पताल में ही भर्ती रखा जाए।

सरकार ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए खान को PIMS ले जाने के फैसले का बचाव किया।

इस अवमानना ​​याचिका पर 16 सितंबर को जस्टिस शाहिद वाहिद, नईम अख्तर अफगान और इश्तियाक इब्राहिम की तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी। यह पीठ खान के स्वास्थ्य और परिवार से मुलाकात से जुड़े लंबित मामलों पर भी सुनवाई करने वाली है।

डॉन न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने अपनी 'केस-फिक्सेशन' नीति के तहत जल्द सुनवाई के अनुरोध को खारिज करते हुए कहा कि उसी श्रेणी की 94 अन्य मूल आपराधिक याचिकाएं अदालत के समक्ष लंबित हैं।

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