रामचरित मानस पर विवादित बयान देने वाले मौर्य को अखिलेश यादव ने दिया इनाम, बनाया पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव..!

<p><em><strong>उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले ही समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर पार्टी के भीतर विवाद गहराने लगा है। उम्मीद की जा रही थी कि हाल ही में रामरचित मानस पर प्रतिबंध लगाने जैसे विवादित बयानों के कारण चर्चाओं में आए मौर्य को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से फटकार मिलेगी। लेकिन, इसके विपरीत अखिलेश ने उन्हें इनाम देते हुए पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया। इस तरह मौर्य सपा के शीर्ष उन 14 नेताओं में शामिल हो गये हैं, जिन्हें यह पद दिया गया है।</strong></em></p>

रामचरित मानस पर विवादित बयान देने वाले मौर्य को अखिलेश यादव ने दिया इनाम, बनाया पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव..!
30-01-2023 - 10:55 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय महासचिव के रूप में अखिलेश यादव ने मौर्य के साथ ही समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता आजम खान और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चाचा शिवपाल यादव को भी स्थान दिया है। इसके बाद से ही विवादित बयानों के कारण पार्टी की छवि नुकसान पहुंचाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर विवाद गहराने लगा है। कहा जा रहा है कि मौर्य को फटकार की बजाय इनाम दिया गया है। सपा के कई नेता मौर्य के बयान से सहमत नहीं है और इन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

यह भी बता दें कि अखिलेश यादव दो दिन पूर्व शनिवार, 28 जनवरी को लखनऊ के मां पीतांबरा महायज्ञ परिक्रमा में पहुंचे। वहां उन्हें हिंदूवादी संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा था। इस दौरान अखिलेश यादव मुर्दाबाद के नारे लगे थे। वहां मौजूद लोग स्वामी प्रसाद मौर्य पर कार्रवाई की मांग लोग कर रहे थे। लेकिन, इन मांगों से इतर अखिलेश यादव ने पूरे मुद्दे को भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस जोड़कर रुख पलटने की कोशिश कर दी है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति अलग मोड़ ले चुकी है और इन हालात में भी अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्वामी प्रसाद मौर्य को प्रमुख स्थान देकर स्पष्ट किया है कि वे मुस्लिम और यादव वाले समीकरण ‘माय’ की राजनीति को ही आगे बढ़ाएंगे। वे इस समीकरण को ही मजबूती देने की कोशिश में लग रहे हैं। इसके अलावा वे स्वामी प्रसाद मौर्य के बयानों के बाद उन्हें राष्ट्रीय महासचिव का पद देकर  ओबीसी और दलितों को साधने की कोशिश भी कर रहे हैं।

विवादित बयानों से चर्चा में आए स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी के संकेतों को समझते हुए के कहा है कि वे अपनी लाइन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि धर्म की दुहाई देकर आदिवासियों, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को अपमानित किए जाने की साजिश का विरोध करता रहूंगा। जिस तरह कुत्तों के भौंकने से हाथी अपनी चाल नहीं बदलता, उसी प्रकार इनको सम्मान दिलाने तक मैं भी अपनी बात नहीं बदलूंगा। मतलब साफ है, रामचरितमानस का विरोध वे करते रहेंगे। ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य का विरोध करने वाले सपा नेताओं की परेशानी बढ़ती दिख रही है। इसके विपरीत स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थकों में जबर्दस्त उत्साह है और वे उत्साह के अतिरिक में श्रीरामचरितमानस की प्रतियां लेकर लखनऊ की सड़कों पर उतर आए। प्रतियों को जलाया गया। इस प्रकार के विरोध के जरिए माहौल को अलग रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।