अशोक गहलोत ने की जनता को लुभाने की पुरज़ोर कोशिश ; 19 नए जिले के अलावा योजनाओं की लगाई झड़ी 

<p>मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को बजट पर बहस के जवाब में कई बड़ी घोषणाएं कर डाली। उन्होंने विधानसभा में राजस्थान में 19 नए जिले और 3 नए संभाग बनाने की घोषणा की है।अब राजस्थान में कुल 50 नए जिले और 10 संभाग हो गए हैं।75&nbsp; वर्ष से ऊपर के कर्मचारियों की 10 फीसदी पेंशन बढ़ाने,मदरसा पैराटीचर्स की भर्ती ,उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर गोविंददेवजी मंदिर में कॉरिडोर ,विधायक फण्ड बढ़ाने जैसी अन्य कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।&nbsp;</p>

अशोक गहलोत ने की जनता को लुभाने की पुरज़ोर कोशिश ; 19 नए जिले के अलावा योजनाओं की लगाई झड़ी 
17-03-2023 - 07:18 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

राजस्थान में अब अनूपगढ़ (श्रीगंगानगर), बालोतरा (बाड़मेर), ब्यावर (अजमेर), डीग (भरतपुर), डीडवाना-कुचामनसिटी (नागौर), दूदू (जयपुर), गंगापुर सिटी (सवाईमाधोपुर), जयपुर-उत्तर, जयपुर-दक्षिण, जोधपुर पूर्व, जोधपुर पश्चिम, केकड़ी (अजमेर), कोटपूतली-बहरोड़ (जयपुर), खैरथल (अलवर), नीम का थाना (सीकर), फलोदी (जोधपुर), सलूंबर (उदयपुर), सांचोर (जालोर), शाहपुरा (भीलवाड़ा) नए जिले होंगे।बांसवाड़ा, पाली, सीकर नए संभाग बनाए गए हैं। अब राजस्थान में कुल 50 नए जिले और 10 संभाग हो गए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह सभी घोषणाएं बजट पर बहस के जवाब में की है।

राजस्थान हुआ 50 जिलों वाला राज्य
मुख्यमंत्री ने 19 नए जिलों की घोषणा की है, लेकिन कुल जिलों की संख्या 50 ही रहेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि जयपुर से जयपुर उत्तर और जयपुर दक्षिण, वहीं जोधपुर को तोड़कर जोधपुर पूर्व और जोधपुर पश्चिम बनाया गया है। ऐसे में पहले 31 जिलों को माना जाए और फॉर्मेशन के बाद 19 नए जिले माने जाएं तो कुल संख्या 50 होती है।

सीकर सहित 3 नए संभाग मुख्यालय
घोषणा में तीन नए संभाग मुख्यालय बनाए गए हैं। सीकर, पाली और बांसवाड़ा। इन मुख्यालयों के अंडर में कौन-कौन से जिले काम करेंगे, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसमें भी अंचल का खास ध्यान रखा गया है। शेखावाटी से सीकर, मारवाड़ से पाली और मेवाड़ के आदिवासी बेल्ट से बांसवाड़ा को संभाग बनाया गया है।

कर्मचारियों को रिटायरमेंट के दिए मिलेंगे सारे पेंशन लाभ
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को रिटायरमेंट के दिन ही सभी पेंशन लाभ दिए जाएंगे। इसके लिए उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। साथ ही 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स को 10 फीसदी पेंशन बढ़ाने की घोषणा की। सीएम गहलोत ने विनियोग विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए कई घोषणाएं कीं।

मदरसा पैराटीचर्स के 6 हजार पदों पर भर्ती होगी
उन्होंने कहा कि प्रदेश में मदरसा पैराटीचर्स के 6000 से ज्यादा पदों पर भर्ती होगी। गहलोत ने कहा कि अब मदरसों में पढ़ने वाले स्टूडेंट‌‌ को भी दो यूनिफॉर्म दी जाएगी, इस पर 75 करोड़ खर्च होंगे। सीएम ने छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सार्वजनिक सुविधा केंद्र बनाने की घोषणा की है, इस पर 100 करोड़ खर्च होंगे।

गोविंद देवजी मंदिर का महाकाल की तर्ज पर कॉरिडोर बनेगा
सीएम ने उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर का विकास करवाने की घोषणा की है। इस पर 100 करोड़ रुपए का खर्च होगा। इसी तरह पुष्कर का भी विकास किया जाएगा। चुनावी साल में इस घोषणा को काफी अहम माना जा रहा है। त्रिुपरा सुंदरी, सांवलियाजी, खोले के हनुमानजी, तनोट मातेश्वरी, श्रीनाथजी, कैला देवी, वीर तेजा जी, एकलिंगजी जैसे प्रसिद्ध मंदिरों के विकास के लिए डीपीआर बनाई जाएगी।

विधायक फंड का दायरा बढ़ाया, 
विधायकों को विकास के लिए सालाना मिलने वाले फंड विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम(MLALAD) का दायरा बढ़ाया गया है। इसके नियमों में बदलाव कर इसमें करवाए जाने वाले कामों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की है। अब तारबंदी भी इससे की जा सकेगी।

प्रशासन शहरों के संग ओर गांवों के संग अभियान का समय बढ़ा
प्रशासन गांव के संग अभियान और प्रशासन शहरों के संग अभियान का अगला फेज घोषित हुआ है। इसकी समय सीमा 31 मार्च से आगे बढ़ाई गई है। गांवों और शहरों में कैंप लगाकर सरकारी योजनाओं का फायदा दिया जाएगा।

सीएम की घोषणाएं

-आरयू, कॉमर्स कॉलेज के अपग्रेडेशन के लिए 50 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
-अगले साल 75 करोड़ की लागत से ब्रिज कोर्स चलाए जाएंगे।
-500 प्राइमरी स्कूल को अपर प्राइमरी और 500 अपर प्राइमरी स्कूल को सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा।
-ट्रासंजेंडर्स को स्टाम्प ड्यूटी से छूट देने की घोषणा। ट्रांसजेंडर्स को प्रॉपर्टी खरीदने में किसी तरह की स्टांप ड्यूटी नहीं देनी पड़ेगी।
-जनता से जुड़े विभागों के सरकारी कर्मचारियों को लेपटॉप देने की घोषणा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।