मार्कोस कमांडो ने फिल्मी अंदाज में समुद्री लुटेरों से छुड़ाया मर्चेंट शिप

<p>अरब साहर में सोमालिया के पास समुद्री लुटेरों ने भारत का मर्चेंट शिप हाइजैक कर लिया। सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना एक्शन में आ गई। नौसेना ने अपने वॉर शिप शिप के पास भेजा। इस मिशन में नेवी के मरीन कमांडोज (मार्कोस) शिप पर गए और जहाज पर काबू पाया।</p>

मार्कोस कमांडो ने फिल्मी अंदाज में समुद्री लुटेरों से छुड़ाया मर्चेंट शिप
06-01-2024 - 02:11 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

अरब सागर में एक और मर्चेंट शिप को समुद्री लुटेरों ने हाइजैक कर लिया। इससे पहले एक महीने के अंदर दो और शिप हाइजैक हो चुके थे। इस बार सोमालिया के पास लाइबेरियन झंडे वाले एमवी लीला नॉरफोक के हाइजैक होने की खबर गुरुवार देर शाम करीब 8 बजे आई, जिस पर 15 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार हैं। इसके पर भारतीय नौसेना ने तुरंत एक्शन लिया।
कैसे मार्कोस ने दिया मिशन को अंजाम?
एमवी लीला नॉरफोक सऊदी अरब की तरफ जा रहा था। गुरुवार शाम पता चला कि पांच से छह हथियारबंद लोगों ने इसे हाइजैक कर लिया है। नेवी के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया कि जानकारी मिलते ही नौसेना ने अपने वॉरशिप आईएनएस चेन्नै को उस तरफ रवाना कर दिया। यह वॉरशिप अदन की खाड़ी के पास तैनात था। नेवी का पेट्रोलिंग एयरक्राफ्ट पी-8आई शुक्रवार तड़के हाइजैक हुए शिप के ऊपर पहुंचा और उसने क्रू से संपर्क स्थापित किया। क्रू मेंबर उस शिप के सेफ हाउस में थे और पूरी तरह सुरक्षित थे। उन्हें समुद्री लुटेरों ने बंधक नहीं बनाया था।
पी-8आई और प्रिडेटर ड्रोन ने रखी नजर
आईएनएस चेन्नै गुरुवार दोपहर बाद 3.15 बजे हाइजैक हुए शिप के पास पहुंचा। इस दौरान नेवी के पी-8आई और प्रिडेटर ड्रोन लगातार नजर रखे हुए थे। नेवी का वॉरशिप जब वहां पहुंचा तो पहले हेलिकॉप्टर को भेजा गया और देखा गया कि उस हाइजैक हुए शिप के ऊपर कोई है तो नहीं। उसके बाद आईएनएस चेन्नै में तैनात नेवी के मरीन कमांडोज (मार्कोस) शिप पर गए और उसे पूरी तरह सैनेटाइज किया यानी जहाज को छुड़ाया।
दुनिया का ध्यान लाल सागर पर, फायदा उठाने की कोशिश में लुटेरे
अरब सागर में समुद्री लुटेरों की दिनोंदिन बढ़ रही गतिविधि ने समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को चैकन्ना कर दिया है। यह अरब सागर का वह इलाका है, जहां पिछले कई वर्षों से लुटेरों की गतिविधियों पर लगाम लग चुकी थी, लेकिन अब फिर से लुटेरे अपनी हरकतें बढ़ा रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका की नौसेना सहित भारतीय नौसेना ने लाल सागर और अदन की खाड़ी में फोकस बढ़ाया है, क्योंकि यहां पर हूती बड़ा खतरा हैं और वह मर्चेंट शिप को ड्रोन से अटैक कर रहे हैं। उनके पास एंटी शिप बलिस्टिक मिसाइलें भी हैं। इसलिए सभी फोर्स का ध्यान अभी लाल सागर पर ज्यादा है। लुटेरे इसका फायदा उठाते हुए अब अरब सागर पर शिप को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
2008 में लुटेरों पर चला था अभियान
कच्चा तेल छोड़ दें तो भारत का 90 फीसदी कारोबार स्वेज नहर, लाल सागर के रास्ते, अदन की खाड़ी से होते हुए भारत आता है। साल 2008 में इस इलाके में समुद्री लुटेरों की हरकत बहुत बढ़ गई थी, तब मर्चेंट शिप का इंश्योरेंस अमाउंट डबल हो गया। इससे भारत आने वाला सामान भी महंगा हो गया। इसके बाद भारतीय नौसेना ने वहां अपने वॉरशिप लगाए और समुद्री लुटेरों के खिलाफ अभियान शुरू किया। उस वक्त लुटेरे अदन की खाड़ी से आगे नीचे की तरफ हॉर्न ऑफ अफ्रीका के पास तक ज्यादा सक्रिय थे। वे भारत के ईईजेड (एक्सक्लूसिव इकनॉमिक जोन) तक पहुंच जाते थे। लेकिन अरब सागर में इस हिस्से में वह उतने सक्रिय नहीं थे।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।