महिला आरक्षण बिल के खिलाफ लोकसभा में पड़े सिर्फ 2 वोट, कौन हैं वो नेता?

<p><em><strong>लोकसभा से बुधवार को पास हुए महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल) पर गुरुवार (21 सितंबर) को राज्यसभा में चर्चा होगी।</strong></em></p>

महिला आरक्षण बिल के खिलाफ लोकसभा में पड़े सिर्फ 2 वोट, कौन हैं वो नेता?
21-09-2023 - 10:24 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

संसद के निचले सदन लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल) चर्चा के बाद बुधवार (20 सितंबर) को पारित हो गया। इसके पक्ष में 454 और विरोध में 2 वोट पड़े। इस बीच सामने आया है कि विरोध में वोटिंग करने वाले दो नेता कौन हैं? नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल के विरोध में मत डालने वाले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी और एआईएमआईएम के सांसद इम्तियाज जलील हैं। दरअसल हैदराबाद से सांसद ओवैसी बिल में अन्य पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के लिए रिर्जेवशन की मांग कर रहे हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा?
एआईएमआईएम नेता ओवैसी ने सदन में कहा कि सरकार संसद में सिर्फ सवर्ण महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना चाहती है। ओबीसी और मुस्लिम समुदाय की महिलाओं की चिंता नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि ओबीसी और मुस्लिम समुदायों के लिए आरक्षण का प्रावधान क्यों नहीं किया गया? 
पीएम मोदी का किया जिक्र 
ओवैसी ने कहा कि संसद में ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत कम है। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओबीसी हैं, लेकिन आज सदन में ओबीसी समुदाय का प्रतिनिधित्व महज 20 प्रतिशत है।’ ओवैसी ने इस विधेयक को चुनावी स्टंट भी करार दिया। सदन में कांग्रेस, सपा, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने विधेयक का समर्थन किया। विधेयक पारित किए जाने के दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मौजूद थे।
राज्यसभा में होगा पेश?
लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करने के प्रावधान वाले बिल पर गुरुवार (21 सितंबर) को राज्यसभा में चर्चा होगी। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया कि इस विधेयक पर चर्चा के लिए साढ़े सात घंटे का समय तय किया गया है। 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।