LAC Dispute : चीनी विदेश मंत्री का पुराना राग...! कहा, सीमा पर स्थिति स्थिर, इतिहास से सबक ले भारत
<p><strong>India-China Border : <em>चीनी विदेश मंत्री किन गैंग ने अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर से कहा कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति स्थिर है। दोनों पक्षों को स्थिति को तनावपूर्ण बनने से रोकने के लिए उपाय करने चाहिए और प्रासंगिक समझौतों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।</em></strong></p>
चीनी विदेश मंत्री किन गैंग ने दोहराया कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति स्थिर है। दोनों पक्षों को वर्तमान उपलब्धियों को मजबूत करना चाहिए और सीमा पर स्थायी शांति के लिए स्थितियों को और आसान बनाने पर जोर देते हुए प्रासंगिक समझौतों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
गुरुवार को एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक के मौके पर गोवा के बेनौलिम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपनी बातचीत में, पूर्वी लद्दाख में चल रहे सैन्य गतिरोध के एक स्पष्ट संदर्भ में किन ने चीन के बार-बार दोहराए जाने वाले हालिया रुख को दोहराया कि चीन-भारत सीमा पर वर्तमान स्थिति आम तौर पर स्थिर है।
सहमति जारी रहे, उपलब्धियां हों मजबूत
किन ने कहा कि दोनों पक्षों को दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करना जारी रखना चाहिए, मौजूदा उपलब्धियों को मजबूत करना चाहिए, प्रासंगिक समझौतों का कड़ाई से पालन करना चाहिए और सीमा पर शांति बनाए रखनी चाहिए।
द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
वार्ता के बाद एक ट्वीट में जयशंकर ने कहा, ‘हमारी द्विपक्षीय संबंधों पर स्टेट काउंसलर और चीन के विदेश मंत्री किन गैंग के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। बकाया मुद्दों को हल करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित है।’ जयशंकर ने कहा कि एससीओ, जी20 और ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
‘हमें इतिहास से सबक लेना चाहिए’
किन ने कहा कि चीन और भारत, दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले विकासशील देशों के रूप में दोनों आधुनिकीकरण के एक महत्वपूर्ण दौर में हैं। उन्होंने कहा कि हमें इतिहास से सबक लेना चाहिए, द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए, सम्मान करना चाहिए, एक-दूसरे से सीखना चाहिए।
संवाद-सहयोग बढ़ाने को तैयार
चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन, भारत के साथ द्विपक्षीय परामर्श और आदान-प्रदान करने, बहुपक्षीय ढांचे के तहत संवाद और सहयोग बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और सहयोग को गहरा करने के लिए तैयार है, ताकि राष्ट्रीय कायाकल्प को गति दी जा सके और विश्व शांति और विकास में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा डाली जा सके।
पिछले हफ्ते चीनी रक्षा मंत्री से मिले थे राजनाथ सिंह
पिछले हफ्ते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष ली शांगफू से एक बैठक में कहा था कि चीन द्वारा मौजूदा सीमा समझौतों के उल्लंघन ने दोनों देशों के बीच संबंधों के पूरे आधार को ‘खराब’ कर दिया है और सीमा से संबंधित सभी मुद्दों को मौजूदा समझौतों के अनुसार हल किया जाना चाहिए।
23 अप्रैल को कोर कमांडर की हुई थी वार्ता
23 अप्रैल को कोर कमांडर वार्ता में दोनों पक्षों ने निकट संपर्क में रहने और पूर्वी लद्दाख में शेष मुद्दों पर जल्द से जल्द पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान निकालने पर सहमति व्यक्त की थी। हालांकि, तीन साल के विवाद को खत्म करने में किसी स्पष्ट प्रगति का कोई संकेत नहीं है। जून 2020 में गलवान घाटी में भयंकर संघर्ष के बाद भारत और चीन के बीच संबंधों में काफी गिरावट आई।
5 मई 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर हुआ गतिरोध
पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद 5 मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध शुरू हो गया। सैन्य और कूटनीतिक वार्ता की एक श्रृंखला के परिणामस्वरूप दोनों पक्षों ने 2021 में पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण किनारे और गोगरा क्षेत्र में डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया पूरी की।
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