तीन महीने झेलना पड़ेगा तीखी गर्मी का सितम, लू के थपेड़े बढ़ाएंगे मुसीबत
<p>अप्रैल से लेकर जून माह तक मौसमी अपडेट आया है। इसके मुताबिक अप्रैल से लेकर जून महीनें के दौरान मैदानी इलाके के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक लू चलने की संभावना है।</p>
जहां एक तरफ लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व आम चुनाव की तैयारी में तमाम राजनीतिक दल और कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर, मौसम विभाग ने कहा है कि अप्रैल से लेकर जून महीनें के दौरान मैदानी इलाके के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक लू चलने की संभावना है। गौरतलब है कि इस समय पूरे देश में सात चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे।
अप्रैल से जून तक भीषण गर्मी
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में अप्रैल से लेकर जून के बीच भीषण गर्मी होने की आशंका है, इस दौरान तकरीबन 10 से 20 दिनों तक लू चलने की संभावना है। वहीं मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र, पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में तापमान को लेकर भी बदलाव दिख सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल से जून की अवधि के दौरान गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, राजस्थान, एमपी, ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश में लू का सबसे बुरा असर देखने को मिल सकता है।
इन क्षेत्रों में मिलेगी राहत
मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल और जून माह के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र, पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। वहीं, अप्रैल में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, मध्य दक्षिण भारत में इसकी ज्यादा संभावना है।
आठ दिनों तक लू चलने की आशंका
आईएमडी डीजी मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक, इन क्षेत्रों में सामान्यतः एक से तीन दिनों की तुलना में दो से आठ दिनों तक लू चलने की आशंका है। भारत में लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून के बीच सात चरणों में होंगे। हालांकि आने वाले महीनों को लेकर जारी अनुमान के मुताबिक मौसम विभाग ने कहा कि ज्यादा गर्मी के कारण तैयार गेहूं की फसल पर कोई खासा असर नहीं पड़ेगा। मध्य प्रदेश को छोड़कर गेहूं उत्पादक राज्यों के लिए लू की कोई चेतावनी नहीं है।
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