युद्धविराम तोड़ने का आरोप: होर्मुज में जहाज़ पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर किए हवाई हमले, तेहरान ने भी किया पलटवार
संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने के महज़ कुछ दिनों बाद ही एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज़ पर हमला कर दिया, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले..
संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने के महज़ कुछ दिनों बाद ही एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज़ पर हमला कर दिया, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि ईरान युद्धविराम का उल्लंघन करेगा तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि क्या ईरान को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी, ट्रंप ने कहा, "आपको जल्द ही पता चल जाएगा।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया कि उन्होंने कल गोलीबारी की। वास्तव में उन्होंने चार बार हमला किया। हमने उनमें से तीन को मार गिराया। एक बेहद महंगे जहाज़ को भी नुकसान पहुंचा। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।" अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने क्षेत्र में मौजूद कुछ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और चेतावनी दी कि यदि आगे कोई और हमला हुआ तो उसका जवाब और भी कड़ा होगा।
अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर साधा निशाना
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 26 जून को उसकी सेनाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ-साथ तटीय रडार ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। सेंटकॉम ने बताया कि यह कार्रवाई 25 जून को सिंगापुर के ध्वज वाले मालवाहक जहाज़ 'एम/वी एवर लवली' पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले के जवाब में की गई। जहाज़ ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकल रहा था, तभी उस पर ईरान द्वारा भेजे गए एक आत्मघाती ड्रोन से हमला किया गया। सेंटकॉम ने इस सैन्य कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज़ों पर हुए "अनुचित आक्रमण" का "सशक्त जवाब" बताया।
अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान की इस कार्रवाई ने न केवल युद्धविराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन किया बल्कि दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक पर नौवहन की स्वतंत्रता को भी खतरे में डाल दिया। सेंटकॉम ने यह भी कहा कि उसकी सेनाएं व्यावसायिक जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में लगातार तैनात हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि ईरान के साथ हुए समझौते की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन हो।
युद्धविराम समझौते का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन
यह सैन्य कार्रवाई उस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिका द्वारा ईरान पर किया गया पहला हमला है, जिसके जरिए पिछले सप्ताह दोनों देशों ने औपचारिक रूप से संघर्ष समाप्त करने पर सहमति जताई थी।
शुक्रवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान का ड्रोन हमला "हमारे युद्धविराम समझौते का एक मूर्खतापूर्ण उल्लंघन" है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जिन्होंने युद्धविराम कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और हमने उसका पूरी तरह सम्मान किया है। यदि समझौते के क्रियान्वयन को लेकर कोई मतभेद है तो बातचीत की जा सकती है, लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा।
ईरान का पलटवार और कड़ी चेतावनी
ईरान ने अमेरिकी हमलों की तीखी निंदा करते हुए कहा कि अमेरिका ने अपने वादों को तोड़ा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा, "कुछ घंटे पहले संधि तोड़ने वाले अमेरिकी शासन ने हमेशा की तरह अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करते हुए विभिन्न बहानों से इस्लामी गणराज्य ईरान के तटीय क्षेत्रों पर हवाई हमले किए।"
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसकी नौसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन स्थानों को निशाना बनाया जहां क्षेत्र में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। साथ ही उसने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट सीरिक द्वीप के पास हुए एक हमले को भी विफल कर दिया गया। आईआरजीसी ने चेतावनी देते हुए कहा, "यदि इस तरह की आक्रामकता दोबारा दोहराई गई तो हमारी प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक व्यापक और कठोर होगी।"
ईरानी सांसद ने खाड़ी देशों को भी दी चेतावनी
ईरान की संसद के सदस्य इब्राहिम अज़ीज़ी ने भी खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों को चेतावनी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "जीसीसी देशों के नेताओं के लिए चेतावनी— अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी दूसरों पर छोड़ने से आपकी सुरक्षा और कमजोर हुई है। आपने देख लिया है कि आपके देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे सुरक्षा देने के बजाय खतरे का कारण बन गए हैं। हमारी मिसाइल और ड्रोन क्षमता तथा होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा नियंत्रण ईरान की अटल लाल रेखाएं हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा का एकमात्र भरोसेमंद रास्ता अमेरिका से दूरी बनाना है।"
तेल बाजार में फिर बढ़ी चिंता
संघर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल आया था, लेकिन युद्धविराम के बाद तनाव कम होने से कीमतें लगभग पुराने स्तर पर लौट आई थीं। हालांकि अब ताजा घटनाक्रम के बाद बाजार में फिर से अनिश्चितता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष दोबारा तेज़ हुआ और युद्धविराम पूरी तरह टूट गया तो तेल की कीमतों में फिर बड़ी तेजी आ सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज़ों पर खतरा बढ़ने की स्थिति में बीमा प्रीमियम महंगे हो जाते हैं, जहाज़ों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ता है और माल ढुलाई की रफ्तार धीमी हो जाती है। ऐसे में लंबे समय से अस्थिर बने इस क्षेत्र में तनाव का नया दौर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक असर डाल सकता है।
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