‘भारत हिट्स डिफरेंट’: रूसी सैटेलाइट तस्वीर में भारत हरे रंग की चमक में दिखा, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

हाल ही में जारी एक सैटेलाइट तस्वीर ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी हैं। यह तस्वीर रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस द्वारा जारी की गई है, जिसमें पृथ्वी का एक अनोखा रूप दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि इस तस्वीर में भारत हरे रंग की रहस्यमयी चमक (ग्रीन ग्लो) में नजर आ रहा..

‘भारत हिट्स डिफरेंट’: रूसी सैटेलाइट तस्वीर में भारत हरे रंग की चमक में दिखा, सोशल मीडिया पर मचा बवाल
27-04-2026 - 09:39 AM

हाल ही में जारी एक सैटेलाइट तस्वीर ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी हैं। यह तस्वीर रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस द्वारा जारी की गई है, जिसमें पृथ्वी का एक अनोखा रूप दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि इस तस्वीर में भारत हरे रंग की रहस्यमयी चमक (ग्रीन ग्लो) में नजर आ रहा है, जिसने सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा छेड़ दी है।

सैटेलाइट तस्वीर में भारत की खास मौजूदगी

यह तस्वीर इलेक्ट्रो-एल नामक मौसम उपग्रह द्वारा ली गई है, जो पृथ्वी की लगातार निगरानी करता है। इस वाइड-एंगल फोटो में यूरेशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका जैसे महाद्वीप साफ दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि, सबसे ज्यादा ध्यान भारत ने खींचा है, जो अन्य क्षेत्रों की तुलना में चमकीले हरे रंग में दिखाई दे रहा है। यह तस्वीर केन्या स्थित रूसी दूतावास द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर साझा की गई, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गई।

क्यों दिख रहा है भारत हरे रंग में?

विशेषज्ञों के अनुसार, तस्वीर में दिख रहे रंग प्राकृतिक (नेचुरल) नहीं हैं, बल्कि वैज्ञानिक तकनीक का परिणाम हैं। यह सैटेलाइट 10 अलग-अलग स्पेक्ट्रल बैंड्स का उपयोग करता है, जिनमें से केवल कुछ ही दृश्य प्रकाश (visible light) से जुड़े होते हैं, जैसे हरा और नीला रंग।

बाकी बैंड्स इन्फ्रारेड (अवरक्त) विकिरण को रिकॉर्ड करते हैं, जिसे इंसान सीधे नहीं देख सकता। इनका उपयोग तापमान, नमी (humidity) और बादलों की स्थिति जैसे पर्यावरणीय कारकों का अध्ययन करने के लिए किया जाता है।

भारत के ऊपर दिख रहा हरा रंग संभवतः उच्च वनस्पति (vegetation) या अधिक नमी के स्तर को दर्शाता है, जो इन इन्फ्रारेड डेटा के संयोजन से बना है।

सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रियाएं

जैसे ही यह तस्वीर इंटरनेट पर आई, लोगों ने इस पर जमकर प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने इसे बेहद खूबसूरत बताया, तो कुछ ने भारत के अनोखे रूप पर खास ध्यान दिया।

कुछ लोगों ने इसे पृथ्वी की प्राकृतिक सुंदरता का शानदार उदाहरण बताया, तो कुछ ने इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझने की कोशिश की। कुल मिलाकर, यह तस्वीर लोगों में जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बनी रही।

रूस की बढ़ती सैटेलाइट ताकत

इस तस्वीर के साथ रूस की सैटेलाइट क्षमता को लेकर भी जानकारी सामने आई। आंकड़ों के मुताबिक, रूस के पास फिलहाल करीब 1,559 सक्रिय उपग्रह हैं, जिनमें नागरिक और सैन्य दोनों शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में इस संख्या को बढ़ाकर लगभग 2,600 तक करने की योजना है। इससे मौसम पूर्वानुमान, संचार और पृथ्वी निगरानी (Earth observation) जैसी क्षमताओं को और मजबूत किया जाएगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।