भारत पाकिस्तान पर नौसैनिक हमला करने से कुछ मिनट दूर था: ऑपरेशन सिंदूर पर नौसेना प्रमुख का बड़ा खुलासा

भारत के नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके त्रिपाठी ने बुधवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना पाकिस्तान पर समुद्र से हमला करने से महज कुछ मिनट दूर थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही पाकिस्तान ने “काइनेटिक एक्शन” (सैन्य कार्रवाई) रोकने की..

भारत पाकिस्तान पर नौसैनिक हमला करने से कुछ मिनट दूर था: ऑपरेशन सिंदूर पर नौसेना प्रमुख का बड़ा खुलासा
02-04-2026 - 09:37 AM
02-04-2026 - 09:39 AM

भारत के नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके त्रिपाठी ने बुधवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना पाकिस्तान पर समुद्र से हमला करने से महज कुछ मिनट दूर थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही पाकिस्तान ने “काइनेटिक एक्शन” (सैन्य कार्रवाई) रोकने की अपील की, भारतीय नौसेना ने अपने हमले की योजना को रोक दिया।

उन्होंने कहा, “यह अब कोई छिपी हुई बात नहीं है कि हम समुद्र से पाकिस्तान पर हमला करने से कुछ ही मिनट दूर थे, तभी उन्होंने काइनेटिक कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया।”

नौसेना प्रमुख मुंबई में आयोजित naval investiture ceremony में बोल रहे थे, जहां उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उत्कृष्ट सेवा के लिए दो वरिष्ठ नौसेना अधिकारियों को ‘युद्ध सेवा मेडल’ से सम्मानित किया।

मई 2025 में यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने सटीक सैन्य कार्रवाई करते हुए आतंकियों के प्रमुख ठिकानों को नष्ट किया। इनमें पाकिस्तान में चार ठिकाने (बहावलपुर और मुरीदके सहित) और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पांच ठिकाने शामिल थे।

इन हमलों में लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिजबुल मुजाहिदीन के ठिकानों को निशाना बनाया गया। कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।

यह सटीक हमले मानव खुफिया जानकारी, सैटेलाइट तस्वीरों और इंटरसेप्ट किए गए संदेशों की मदद से किए गए, जिससे आतंकियों के ठिकानों की सही पहचान हो सकी।

भारत की बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली, जिसमें स्वदेशी आकाशतीर प्रणाली भी शामिल है, ने सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया। इससे देश की उन्नत रक्षा तकनीक और उसकी निर्यात क्षमता भी प्रदर्शित हुई।

यह ऑपरेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के एक सप्ताह बाद शुरू किया गया था। इस बैठक में सशस्त्र बलों को हमले के तरीके, लक्ष्य और समय तय करने की “पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता” दी गई थी।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत एक अहम कदम सिंधु जल संधि को समाप्त करने का भी था। इस निर्णय के बाद भारत को झेलम और चिनाब जैसी पश्चिमी नदियों पर पूरा नियंत्रण मिल गया, जिससे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब और हरियाणा में नए जलाशय बनाने की योजना बनाई जा रही है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर नौसेना प्रमुख ने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र में 20 से अधिक व्यापारी जहाजों पर हमले हो चुके हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 1,900 जहाज इस संघर्ष के कारण फंसे हुए हैं। साथ ही, होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या भी काफी घट गई है, जो पहले प्रतिदिन लगभग 130 हुआ करती थी, अब घटकर केवल 6-7 रह गई है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।