भारत की पहली निजी ट्रेन: जानिए तेजस एक्सप्रेस का किराया, राजधनी, शताब्दी और वंदे भारत से तुलना
दिल्ली। भारतीय रेल यात्रियों की विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार की ट्रेन सेवाएँ संचालित करती है। इन्हीं में से एक है देश की पहली निजी ट्रेन, जिसे 2019 में शुरू किया गया था। यह ट्रेन पूरी तरह से भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) द्वारा संचालित और रखरखाव की जाती..
नयी दिल्ली। भारतीय रेल यात्रियों की विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार की ट्रेन सेवाएँ संचालित करती है। इन्हीं में से एक है देश की पहली निजी ट्रेन, जिसे 2019 में शुरू किया गया था। यह ट्रेन पूरी तरह से भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) द्वारा संचालित और रखरखाव की जाती है।
भारत की पहली निजी ट्रेन का नाम और मार्ग
देश की पहली निजी ट्रेन का नाम है तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express), जो नयी दिल्ली से लखनऊ के बीच चलती है। इसने अपनी पहली वाणिज्यिक यात्रा 4 अक्टूबर 2019 को शुरू की थी।
सेवा शुरू होने के पहले ही महीने में IRCTC को इस ट्रेन से लगभग ₹7.73 लाख का परिचालन लाभ हुआ था।
भारत की पहली निजी ट्रेन का किराया
तेजस एक्सप्रेस के किराए अब भी अन्य प्रीमियम ट्रेनों — राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत एक्सप्रेस की तुलना में अधिक हैं। नीचे तालिका में इन सभी ट्रेनों के किरायों की तुलना दी गई है (नई दिल्ली–लखनऊ मार्ग पर)..
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ट्रेन का नाम |
श्रेणी |
किराया (₹) |
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तेजस एक्सप्रेस (IRCTC) |
एसी चेयर कार |
1,679 |
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एग्ज़िक्युटिव चेयर कार |
2,457 |
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शताब्दी एक्सप्रेस |
एसी चेयर कार |
1,255 |
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एग्ज़िक्युटिव चेयर कार |
1,955 |
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वंदे भारत एक्सप्रेस |
एसी चेयर कार |
1,255 |
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एग्ज़िक्युटिव चेयर कार |
2,415 |
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राजधानी एक्सप्रेस (नयी दिल्ली–डिब्रूगढ़) |
एसी थर्ड टियर |
1,590 |
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एसी सेकंड टियर |
2,105 |
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एसी फर्स्ट क्लास |
2,630 |
ध्यान दें: राजधानी एक्सप्रेस लंबी दूरी की ट्रेन है इसलिए इसमें केवल एसी स्लीपर श्रेणियाँ उपलब्ध हैं।
डायनेमिक प्राइसिंग (Dynamic Pricing)
भारतीय रेलवे की डायनेमिक किराया प्रणाली (मांग और सीट उपलब्धता के आधार पर बदलने वाला किराया) तेजस एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस पर लागू होती है। हालाँकि, वंदे भारत एक्सप्रेस पर ऐसा कोई डायनेमिक किराया लागू नहीं होता।
तेजस एक्सप्रेस की खासियतें
तेजस एक्सप्रेस एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है जिसमें आधुनिक ऑन-बोर्ड सुविधाएँ और यात्रियों की बेहतर सुविधा का ध्यान रखा गया है। इसके कोच रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला में बनाए गए हैं।
रेल मंत्रालय ने 2017 में बताया था कि “नये डिजाइन के कोच 200 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलने में सक्षम हैंसलेकिन वर्तमान ट्रैक सीमाओं के कारण इन्हें 160 किमी/घंटा की अधिकतम गति पर चलाया जाएगा।” इस उच्च गति क्षमता को प्राप्त करने के लिए ट्रेन में स्टील ब्रेक डिस्क, सिंटर्ड पैड्स और इलेक्ट्रो-प्न्युमैटिक असिस्ट ब्रेक सिस्टम लगाए गए हैं।
निष्कर्ष
भारत की पहली निजी ट्रेन तेजस एक्सप्रेस न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस है, बल्कि यात्री अनुभव को उन्नत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
हालाँकि, इसका किराया अन्य प्रीमियम ट्रेनों से अधिक है, जिससे यह ट्रेन फिलहाल “लक्ज़री यात्रा विकल्प” के रूप में देखी जा रही है।
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