एनडीपीएस कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती और परिवार के बैंक खाते किए अनफ्रीज, NCB की प्रक्रिया में कमी पाई
मुंबई की एक विशेष NDPS Court ने अभिनेत्री Rhea Chakraborty और उनके परिवार से जुड़े चार बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई को अवैध ठहराते हुए उन्हें अनफ्रीज करने और संचालित करने की अनुमति दे..
मुंबई। मुंबई की एक विशेष NDPS Court ने अभिनेत्री Rhea Chakraborty और उनके परिवार से जुड़े चार बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई को अवैध ठहराते हुए उन्हें अनफ्रीज करने और संचालित करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने कहा कि Narcotics Control Bureau (NCB) ने खातों को फ्रीज करते समय एक अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
यह खाते 2020 में अभिनेता Sushant Singh Rajput की मौत की जांच के दौरान फ्रीज किए गए थे, जिसमें हत्या और ड्रग्स से जुड़े पहलुओं की भी जांच हुई थी। रिया चक्रवर्ती, जो राजपूत की पूर्व गर्लफ्रेंड थीं, इस मामले में आरोपी बनाई गई थीं लेकिन पिछले साल Central Bureau of Investigation (CBI) ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।
शनिवार को पारित चार अलग-अलग आदेशों में अदालत ने पाया कि एजेंसी ने NDPS कानून के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर सक्षम प्राधिकरण से खातों को फ्रीज करने की पुष्टि नहीं करवाई। इस कारण यह कार्रवाई कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं मानी गई। अदालत ने रिया, उनके भाई शोविक और मां संध्या द्वारा दाखिल याचिकाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि कानून संपत्ति फ्रीज करने की शक्ति पर स्पष्ट सीमाएं तय करता है, जिनका इस मामले में पालन नहीं हुआ।
विशेष न्यायाधीश यू.सी. देशमुख ने अपने आदेश में कहा कि NDPS अधिनियम की धारा 68F(2) के अनुसार, यदि फ्रीज या जब्ती के आदेश को 30 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी से पुष्टि नहीं मिलती, तो उसका कोई प्रभाव नहीं रहता। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि अभियोजन पक्ष ने इस पुष्टि के अभाव को चुनौती नहीं दी।
इस कमी को गंभीर मानते हुए अदालत ने कहा कि आवश्यक वैधानिक आदेश के अभाव में आवेदन स्वीकार किया जाना उचित है, और खातों को भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार संचालित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
अदालत ने अपने फैसले में Bombay High Court के एक फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि संपत्ति फ्रीज करने की शक्ति असीमित नहीं है और इसे संवैधानिक सुरक्षा के अनुरूप ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी दोहराया कि ऐसी कार्रवाई के लिए “विश्वास करने का कारण” होना चाहिए कि संपत्ति अवैध रूप से अर्जित है, और इसके बाद तुरंत रिपोर्टिंग व पुष्टि जरूरी है, अन्यथा कार्रवाई निष्प्रभावी हो जाती है।
अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के बयानों और कथित ड्रग तस्करों से संबंधों का हवाला देते हुए खातों को फ्रीज करने का बचाव किया था। हालांकि अदालत ने इन आरोपों के गुण-दोष पर विचार नहीं किया और केवल प्रक्रिया में हुई कानूनी कमी के आधार पर कार्रवाई को निरस्त कर दिया।
यह मामला 2020 में मुंबई में शुरू हुई NCB की हाई-प्रोफाइल ड्रग जांच से जुड़ा है, जो सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद शुरू हुई थी। शुरुआत में छोटे स्तर पर नशीले पदार्थों की बरामदगी से शुरू हुई जांच बाद में कथित ड्रग नेटवर्क तक फैल गई थी। इस मामले में रिया चक्रवर्ती सहित कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की गई थी।
अदालत का यह आदेश ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank में मौजूद कई बैंक खातों पर लागू होता है, जिसमें रिया चक्रवर्ती के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं।
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