राजस्थान का युवा-केंद्रित विकास मॉडल: अवसर, विश्वास और सशक्त भविष्य
राजस्थान सरकार ने युवाओं को केंद्र में रखकर विकास की नयी दिशा तय की है। वसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर की गयी घोषणाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की विकास नीति का मुख्य आधार युवा शक्ति है। सरकार का मानना है कि शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से सशक्त युवा ही..
राजस्थान सरकार ने युवाओं को केंद्र में रखकर विकास की नयी दिशा तय की है। वसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर की गयी घोषणाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की विकास नीति का मुख्य आधार युवा शक्ति है। सरकार का मानना है कि शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से सशक्त युवा ही राजस्थान को आत्मनिर्भर बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास के क्षेत्रों में समन्वित और परिणामोन्मुखी फैसले लिये हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास में सक्रिय सहभागी बनाना है।
शिक्षा और छात्र कल्याण को प्राथमिकता
शिक्षा और छात्र कल्याण के क्षेत्र में सरकार ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को हस्तांतरित की है। इसमें 3 लाख विद्यार्थियों को 126.81 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, 3.34 लाख विद्यार्थियों को 130 करोड़ रुपये की लागत से निःशुल्क साइकिल वितरण और 4.40 लाख विद्यार्थियों को 53 करोड़ रुपये की राशि का डायरेक्ट ट्रांसफर शामिल है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से न केवल शिक्षा का आर्थिक बोझ कम हुआ है, बल्कि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
सामाजिक सुरक्षा और रोजगार पर जोर
युवाओं और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से सरकार ने 700 करोड़ रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि का हस्तांतरण किया है। वहीं रोजगार के मोर्चे पर पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता देते हुए एक लाख से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं और आगामी एक लाख पदों की भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर भी जारी किया गया है।
स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बदलते समय में केवल सरकारी नौकरी ही रोजगार का एकमात्र साधन नहीं है। इसी सोच के तहत युवा नीति-2026 और रोजगार नीति-2026 लागू की गयी हैं। इन नीतियों का लक्ष्य मार्च 2029 तक 15 लाख रोजगार अवसरों का सृजन करना है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना-2026 के तहत 1 लाख युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग ऋण सीमाएं तय की गयी हैं ताकि सभी वर्गों के युवाओं को समान अवसर मिल सके।
कौशल विकास से भविष्य की तैयारी
राज्य सरकार युवाओं को व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाने पर भी जोर दे रही है। इसके तहत तकनीकी, व्यावसायिक और डिजिटल कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जो स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, पलायन रोकने और क्षेत्रीय संतुलन स्थापित करने में सहायक साबित हो रहे हैं।
निष्कर्ष
राजस्थान में लागू यह युवा-केंद्रित विकास मॉडल राज्य के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को नयी दिशा देने की क्षमता रखता है। शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास के चार स्तंभों पर आधारित यह नीति आने वाले वर्षों में राजस्थान को सशक्त, समावेशी और आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत आधारशिला मानी जा रही है।
-इस आलेख को प्रस्तुत करने वाली सुरभि मिश्रा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्कवाश में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं
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