कड़ाके की ठंड के बीच घने कोहरे की चपेट में दिल्ली-एनसीआर, वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शनिवार को एक और सर्द और कठिन सुबह देखने को मिली। बर्फीली ठंड, घना कोहरा और बेहद खराब वायु गुणवत्ता ने मिलकर उत्तर भारत में लोगों की परेशानी और बढ़ा ..
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शनिवार को एक और सर्द और कठिन सुबह देखने को मिली। बर्फीली ठंड, घना कोहरा और बेहद खराब वायु गुणवत्ता ने मिलकर उत्तर भारत में लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
लगातार छठे दिन शीत लहर का प्रकोप जारी रहा, जबकि प्रदूषण का स्तर “गंभीर” श्रेणी में पहुंच गया। इसके चलते प्रशासन को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज-III की कड़ी पाबंदियां फिर से लागू करनी पड़ीं।
राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सफदरजंग और आया नगर मौसम केंद्रों पर एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
मौसम की स्थिति को घने कोहरे ने और गंभीर बना दिया, जिससे तड़के सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो गई।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह करीब 6:30 बजे दृश्यता घटकर लगभग 350 मीटर रह गई, जिससे परिचालन में दिक्कतें आईं और उड़ानों में देरी हुई। हवाई अड्डा प्राधिकरण ने सुबह ही एक यात्रा परामर्श जारी कर बताया था कि आगमन और प्रस्थान दोनों के लिए कम दृश्यता से जुड़े विशेष नियम लागू किए गए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दिल्ली एयरपोर्ट ने लिखा, “दिल्ली एयरपोर्ट पर लो विजिबिलिटी प्रोसीजर्स लागू हैं। सभी उड़ान परिचालन फिलहाल सामान्य हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि वे ताजा उड़ान जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें।”
इस बीच, वायु गुणवत्ता में तेज गिरावट दर्ज की गई और कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 के पार पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने GRAP के तहत स्टेज-III के उपाय लागू कर दिए।
इन प्रतिबंधों के तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। इसमें वेल्डिंग, प्लास्टरिंग, पेंटिंग, पाइलिंग, ट्रेंचिंग और फ्लोरिंग जैसे कार्य शामिल हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, आईटीओ क्षेत्र में AQI का स्तर 402 तक पहुंच गया, जो स्पष्ट रूप से “गंभीर” श्रेणी में आता है। CPCB के मानकों के मुताबिक, 401 से ऊपर का AQI गंभीर प्रदूषण को दर्शाता है, जो विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।
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