कांग्रेस-JMM के विरोध के बावजूद परिमल नथवानी का नामांकन मंजूर, झारखंड राज्यसभा चुनाव लड़ने का रास्ता साफ
कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की ओर से नामांकन पत्रों पर आपत्ति जताए जाने के एक दिन बाद, रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) ने बुधवार को एनडीए समर्थित निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नथवानी का नामांकन वैध घोषित कर..
कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की ओर से नामांकन पत्रों पर आपत्ति जताए जाने के एक दिन बाद, रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) ने बुधवार को एनडीए समर्थित निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नथवानी का नामांकन वैध घोषित कर दिया। आरओ ने उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें नियमों के अनुरूप पाया।
इस फैसले के साथ ही गुजरात के उद्योगपति और वर्तमान में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के लिए झारखंड से 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में उतरने का रास्ता साफ हो गया है।
तीन उम्मीदवारों के नामांकन की हुई थी जांच
मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के लिए तीन उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच की गई थी। इनमें शामिल थे—
- जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम
- कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा
- एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी
प्रारंभिक जांच में बैद्यनाथ राम और प्रणव झा के नामांकन स्वीकार कर लिए गए थे, जबकि कांग्रेस और जेएमएम की आपत्तियों के बाद परिमल नथवानी के नामांकन पर फैसला रोक दिया गया था।
विधानसभा के बाहर राजनीतिक प्रदर्शन
नामांकन को लेकर विवाद के बीच बुधवार को विधानसभा परिसर के बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया।
- भाजपा कार्यकर्ताओं ने नथवानी का नामांकन स्वीकार करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
- वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस ने भाजपा समर्थकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। इस दौरान विधानसभा के निकट भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच कुछ समय के लिए तीखी नोकझोंक भी हुई।
कांग्रेस ने किस आधार पर उठाई थी आपत्ति?
कांग्रेस नेता एवं कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी, जो कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के प्रस्तावकों में शामिल हैं, ने परिमल नथवानी के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नथवानी या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया।
कांग्रेस का आरोप था कि—
- नथवानी ने अपने नामांकन पत्र में कुछ व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह उजागर नहीं कीं।
- उन्होंने उन कंपनियों का पूरा विवरण नहीं दिया, जिनमें वे निदेशक (डायरेक्टर) हैं।
- नामांकन पत्रों में उनके नाम के उल्लेख के तरीके में भी कथित विसंगति थी।
भाजपा ने बताया था आरोप निराधार
भाजपा ने कांग्रेस और जेएमएम की आपत्तियों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। भाजपा के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने कहा था, "हमें पहले से विश्वास था कि विपक्ष द्वारा उठाई गई आपत्तियों में कोई दम नहीं है। परिमल नथवानी अधिकारियों के समक्ष सभी आवश्यक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "आपत्तियां निराधार थीं। उन्हें अपना पक्ष रखने का समय दिया गया और उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सही एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी।"
झारखंड से तीसरी बार राज्यसभा पहुंचने की कोशिश
परिमल नथवानी इससे पहले 2008 से 2020 तक लगातार दो कार्यकाल तक झारखंड से निर्दलीय राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। इस बार वे एनडीए के समर्थन से एक बार फिर राज्यसभा पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
18 जून को होगा चुनाव
18 जून को झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान होना है।
इन सीटों पर मुकाबला होगा—
- जेएमएम के बैद्यनाथ राम
- कांग्रेस के प्रणव झा
- एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी
ये दोनों सीटें जेएमएम संस्थापक शिबू सोरेन के निधन और भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के बाद रिक्त हुई हैं।
रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नामांकन मंजूर किए जाने के बाद अब परिमल नथवानी आधिकारिक रूप से चुनावी मैदान में बने रहेंगे, जबकि कांग्रेस और जेएमएम की ओर से उठाई गई आपत्तियां खारिज हो चुकी हैं।
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