'ईद के लिए एक घंटा नहीं, योग दिवस के लिए एक हफ्ता': रेड रोड बंद होने पर महुआ मोइत्रा का बंगाल सरकार पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर कोलकाता के प्रतिष्ठित रेड रोड को एक सप्ताह तक बंद किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां ईद की नमाज के लिए रेड रोड पर "एक दिन के लिए एक घंटे" की भी अनुमति नहीं दी..
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर कोलकाता के प्रतिष्ठित रेड रोड को एक सप्ताह तक बंद किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां ईद की नमाज के लिए रेड रोड पर "एक दिन के लिए एक घंटे" की भी अनुमति नहीं दी गई, वहीं योग दिवस समारोह के लिए पूरे सप्ताह तक यातायात बंद रखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर कथित असंतोष और संभावित बगावत की चर्चाएं तेज हैं।
पार्टी के भीतर सियासी हलचल
महुआ मोइत्रा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुखर समर्थक मानी जाती हैं और हाल के दिनों में उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति निष्ठा पर सवाल उठने वाले नेताओं पर लगातार निशाना साधा है।
उनकी ताजा टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सांसद यूसुफ पठान का नाम उन नेताओं में शामिल बताया जा रहा है, जिनके बारे में पार्टी छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
यूसुफ पठान पर पहले भी साधा था निशाना
कुछ दिन पहले टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने दावा किया था कि पार्टी के 28 सांसदों में से करीब 20 सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने में रुचि रखते हैं। उन्होंने यूसुफ पठान का नाम भी उन सांसदों में शामिल किया था जो कथित तौर पर दल बदलने पर विचार कर रहे हैं।
इसके बाद महुआ मोइत्रा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था,
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान उन लोगों को छोड़ रहे हैं जिन्होंने उन्हें चुनकर संसद भेजा। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बुलावे पर पठान तुरंत दिल्ली पहुंच गए थे।
हालांकि, यूसुफ पठान ने अब तक इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई स्पष्टीकरण दिया है।
योग दिवस में कर्मचारियों की अनिवार्य भागीदारी
महुआ मोइत्रा की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम बंगाल सरकार ने 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों में सभी सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया है।
14 जून को जारी मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल के आदेश के अनुसार, विभागों और कार्यालयों को सुबह 6:30 बजे से 7:45 बजे तक आयोजित योग सत्रों में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।
केंद्रीकृत कार्यक्रमों के लिए नामित कर्मचारियों को रेड रोड और मिलन मेला मैदान सहित विभिन्न स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश राज्य सरकार के सभी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त संस्थाओं, स्थानीय निकायों के कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा, कैजुअल, आउटसोर्स और मानदेय आधारित कर्मियों पर भी लागू होगा। विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, जिला मजिस्ट्रेटों और अन्य अधिकारियों को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
21 जून को मनाया जाएगा 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2014 में पारित प्रस्ताव के बाद हर वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष इसका 12वां संस्करण आयोजित किया जाएगा।
महुआ मोइत्रा के बयान ने योग दिवस के आयोजन, यातायात व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों को लेकर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। हालांकि, इस मुद्दे पर संबंधित प्रशासन या सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
What's Your Reaction?