पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 91 वर्ष की आयु में निधन
पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल का शुक्रवार को लातूर में निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे..
मुंबई। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल का शुक्रवार को लातूर में निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे।
पाटिल ने सुबह लगभग 6:30 बजे अपने लातूर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार थे और घर पर ही चिकित्सा देखरेख में थे।
लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक सफर
शिवराज पाटिल लोकसभा के पूर्व स्पीकर रहे और केंद्रीय मंत्रिमंडल में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
उन्होंने लातूर लोकसभा सीट से सात बार चुनाव जीतकर एक मजबूत जनाधार बनाया।
कानून की पढ़ाई करने वाले पाटिल ने 1980 के दशक में रक्षा और वाणिज्य जैसे प्रमुख मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।
1991 में उन्हें लोकसभा अध्यक्ष चुना गया, और 1996 तक इस पद पर रहते हुए उन्होंने
- संसदीय कार्यों के कंप्यूटरीकरण,
- और संसद संबंधी सूचनाओं को जनता तक पहुँचाने
जैसे सुधारों को बढ़ावा दिया।
2008 मुंबई हमलों के बाद विवाद और इस्तीफा
गृह मंत्री के रूप में पाटिल का कार्यकाल 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद गहन आलोचना के दायरे में आ गया था।
हमलों के कुछ दिनों बाद 30 नवंबर 2008 को उनका इस्तीफ़ा राष्ट्रपति ने स्वीकार किया।
उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ा, जो भारत की राजनीति में एक दुर्लभ मिसाल मानी जाती है।
सक्रिय सार्वजनिक जीवन और आगे की भूमिकाएँ
पाटिल 1980 से 2004 तक लंबे समय तक लोकसभा सदस्य रहे। केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटने के बाद उन्होंने एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद भी संभाला।
2010 से 2015 तक वे
- पंजाब के राज्यपाल,
- और चंडीगढ़ के प्रशासक
रहे।
शिवराज पाटिल का निधन भारतीय राजनीति के एक शांत, सादगीपूर्ण और अनुभवी अध्याय का अंत है।
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