'कंधे से कंधा मिलाकर साथ काम किया...': पीएम नरेंद्र मोदी ने विजय रूपाणी को दी श्रद्धांजलि

13 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और अपने पुराने राजनीतिक सहयोगी विजय रूपाणी के शोकसंतप्त परिवार से मुलाकात की। मोदी ने इस दुखद अवसर पर भावुक होते हुए..

'कंधे से कंधा मिलाकर साथ काम किया...': पीएम नरेंद्र मोदी ने विजय रूपाणी को दी श्रद्धांजलि
14-06-2025 - 08:58 AM

अहमदाबाद। 13 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और अपने पुराने राजनीतिक सहयोगी विजय रूपाणी के शोकसंतप्त परिवार से मुलाकात की। मोदी ने इस दुखद अवसर पर भावुक होते हुए उनकी दशकों पुरानी दोस्ती और सहयोग को याद किया और रूपाणी को एक “विनम्र और मेहनती” नेता बताया, जो गुजरात के सबसे कठिन समय में उनके साथ डटे रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, यह कल्पना करना भी कठिन है कि विजयभाई अब हमारे बीच नहीं हैं। मैं उन्हें दशकों से जानता हूं। हमने कंधे से कंधा मिलाकर साथ काम किया, वह भी तब जब राज्य बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। विजयभाई विनम्र, मेहनती और पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित थे। उन्होंने संगठन में कई ज़िम्मेदारियां निभाईं और बाद में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी निष्ठापूर्वक सेवा की।”

68 वर्षीय विजय रूपाणी 12 जून की दोपहर एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में सवार थे, जो टेकऑफ के तुरंत बाद अहमदाबाद के मेघाणी नगर क्षेत्र में रिहायशी इलाक़े पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान हादसे में सवार सभी 242 यात्रियों की मौत हो गई।

विजय रूपाणी का जन्म म्यांमार (तत्कालीन बर्मा) के यांगून शहर में मायाबेन और रमणिकलाल रूपाणी के घर हुआ था। जैन बनिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाले विजय अपने सात भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। 1960 में म्यांमार में हुए राजनीतिक अस्थिरता के चलते उनका परिवार राजकोट आकर बस गया।

रूपाणी ने धर्मेन्द्रसिंहजी आर्ट्स कॉलेज से कला में स्नातक की पढ़ाई की और फिर सौराष्ट्र विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की।
उनकी सार्वजनिक जीवन में एंट्री 1987 में राजकोट नगर निगम के पार्षद के रूप में हुई। इसके बाद वह 1996–97 में राजकोट के मेयर बने, 2006 से 2012 तक राज्यसभा सांसद रहे और फिर गुजरात के मंत्री के रूप में कार्य किया। 2016 में उन्हें गुजरात का 16वां मुख्यमंत्री बनाया गया और वे 2021 तक इस पद पर रहे।

अपने शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले रूपाणी ने पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में हमेशा निचले स्तर से संगठनात्मक कार्य करते हुए ऊपर तक का सफर तय किया। उनका राजनीतिक उदय निरंतर कार्य, अनुशासन और पार्टी के प्रति पूर्ण निष्ठा का परिणाम था।

यह दुखद हादसा गुजरात के इतिहास में दूसरी बार है जब कोई पूर्व या मौजूदा मुख्यमंत्री विमान हादसे में मारे गए हैं। इससे पहले 1965 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता का विमान भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा मार गिराया गया था।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।