इंडिगो संकट पर नागरिक उड्डयन मंत्री का बड़ा बयान: भारत में कम से कम 100 विमानों वाली पाँच एयरलाइंस जरूरी..!
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा है कि भारत को भविष्य में इंडिगो जैसी ‘‘एविएशन मेल्टडाउन’’ स्थितियों से बचाने के लिए कम से कम पाँच ऐसी एयरलाइंस की जरूरत है जिनके पास लगभग 100 विमान हों। मंत्री ने इंडिगो में हालिया अराजकता को एक “स्ट्रक्चरल वार्निंग” बताते हुए कहा कि देश की एविएशन व्यवस्था दो-तीन कंपनियों पर निर्भर नहीं...
नयी दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा है कि भारत को भविष्य में इंडिगो जैसी ‘‘एविएशन मेल्टडाउन’’ स्थितियों से बचाने के लिए कम से कम पाँच ऐसी एयरलाइंस की जरूरत है जिनके पास लगभग 100 विमान हों। मंत्री ने इंडिगो में हालिया अराजकता को एक “स्ट्रक्चरल वार्निंग” बताते हुए कहा कि देश की एविएशन व्यवस्था दो-तीन कंपनियों पर निर्भर नहीं रह सकती।
इंडिगो की अव्यवस्था को बताया मुख्य वजह
नायडू ने कहा कि हजारों यात्रियों को फँसा देने वाली यह अव्यवस्था इंडिगो के भीतर की प्रबंधन विफलता..गलत क्रू रोस्टर और आंतरिक संचालन की गलतियों के कारण हुई।
“एयरलाइन खुद अपने नेटवर्क के ढहने के लिए जिम्मेदार है,” उन्होंने इंडिया टुडे को बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार संपर्क में होने के बावजूद इंडिगो की नेतृत्व टीम अभी भी कई महत्वपूर्ण सवालों का जवाब नहीं दे पाई है।
वृद्धि हुई टिकट कीमतें, सरकार कर रही है जांच
इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद अन्य फ्लाइट्स के किराए अचानक बढ़ गए। मंत्री ने कहा, “हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं—क्या एयरलाइंस ने प्राइस गाउजिंग की? क्या इंडिगो के ट्रैवल वाउचर्स पर्याप्त हैं?”
क्या सरकार निजी एयरलाइन के CEO को हटा सकती है?
नायडू ने माना कि कानूनी और प्रक्रियागत सीमाएँ हैं, लेकिन गंभीर लापरवाही साबित होने पर कार्रवाई से इंकार नहीं किया।
उन्होंने कहा, “अगर यह स्थापित होता है कि वरिष्ठ प्रबंधन की लापरवाही से संकट हुआ, तो लोगों के हित में कार्रवाई पर विचार करना होगा।”
एविएशन सेक्टर में मोनोपोली खत्म करने का लक्ष्य
नायडू ने कहा कि यह संकट एक टर्निंग पॉइंट है और सरकार चाहती है कि बाज़ार में अत्यधिक एकाग्रता (monopoly/duopoly) खत्म हो।
उन्होंने स्पष्ट कहा, “भारत को कम से कम पाँच एयरलाइंस चाहिए जिनके पास लगभग 100 विमान हों। तभी देश एक-दो कंपनियों पर निर्भर नहीं रहेगा।”
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