बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथियों की धमकियों से रुका भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण, हिंदू समुदाय का विशाल प्रदर्शन
बांग्लादेश के हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों और ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने देश की राजधानी ढाका में विरोध प्रदर्शन कर भगवान राम की प्रस्तावित सबसे बड़ी प्रतिमा के निर्माण कार्य को दोबारा शुरू करने की मांग..
बांग्लादेश के हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों और ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने देश की राजधानी ढाका में विरोध प्रदर्शन कर भगवान राम की प्रस्तावित सबसे बड़ी प्रतिमा के निर्माण कार्य को दोबारा शुरू करने की मांग की।
यह प्रदर्शन गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी उपजिला में प्रस्तावित 81 फीट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा के निर्माण कार्य को रोक दिए जाने के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कट्टरपंथी समूह परियोजना से जुड़े आयोजकों पर लगातार दबाव बना रहे हैं और उन्हें धमकियां दे रहे हैं, जिसके कारण मंदिर प्रशासन को निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
हिंदू संगठनों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की
गाइबांधा के पलाशबाड़ी उपजिला के कोमरपुर गांव स्थित श्री श्री राधा गोविंद मंदिर परिसर में बन रही यह प्रतिमा देश के हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गई है।
हिंदू संगठनों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और बढ़ते तनाव के बीच परियोजना को सुरक्षित रूप से पूरा कराने की मांग की है।
रिपोर्टों के अनुसार, परियोजना के आयोजकों ने इसी महीने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा संबंधी चिंताओं और कट्टरपंथी संगठनों के बढ़ते दबाव का हवाला देते हुए निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की थी।
80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
गाइबांधा पलाशबाड़ी कोमरपुर श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति के संस्थापक और अध्यक्ष हरिदास चंद्र दास ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रतिमा का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा,
"हम सनातन धर्म के प्रमुख आध्यात्मिक प्रतीकों में से एक भगवान राम की प्रतिमा का निर्माण कर रहे हैं। 81 फीट ऊंची इस प्रतिमा का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ कट्टरपंथी समूह हम पर निर्माण रोकने का दबाव बना रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण आयोजकों में भय का माहौल है और इसी वजह से निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है।
प्रधानमंत्री और प्रशासन से लगाई गुहार
हरिदास चंद्र दास ने सरकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा,
"हम डरे हुए हैं और इसी डर के कारण हमें काम रोकना पड़ा है। मैं प्रधानमंत्री, तारिक रहमान, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिक समाज से अपील करता हूं कि हमें यह परियोजना पूरी करने के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए।"
हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद ने की निंदा
इस बीच, बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की केंद्रीय समिति ने कथित धमकियों की कड़ी निंदा की है। परिषद ने सरकार से सांप्रदायिक भय और धमकियों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने तथा अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
बढ़ी चिंता
भगवान राम की प्रस्तावित यह 81 फीट ऊंची प्रतिमा बांग्लादेश में अपनी तरह की सबसे बड़ी प्रतिमा मानी जा रही है। निर्माण कार्य रुकने और कट्टरपंथी दबाव के आरोपों ने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हिंदू संगठनों का कहना है कि सरकार को इस परियोजना की सुरक्षा सुनिश्चित कर इसे शीघ्र पूरा कराने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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