क्या क्वाड के ताबूत में एक और कील? अमेरिकी सैन्य कमांड के नाम से 'इंडो' हटाने पर शशि थरूर का सवाल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका द्वारा अपने सैन्य कमांड का नाम बदलकर फिर से यूएस पैसिफिक कमांड (USPACOM) करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या यह क्वाड (Quad) समूह के भविष्य के लिए एक और नकारात्मक..
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका द्वारा अपने सैन्य कमांड का नाम बदलकर फिर से यूएस पैसिफिक कमांड (USPACOM) करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या यह क्वाड (Quad) समूह के भविष्य के लिए एक और नकारात्मक संकेत है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने अमेरिकी आदेश साझा किया और लिखा, "क्या यह क्वाड के ताबूत में एक और कील है?"
One more nail in the coffin of the Quad? https://t.co/7QauDO0a3s — Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 17, 2026
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने घोषणा की कि यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) को एक बार फिर यूएस पैसिफिक कमांड (USPACOM) के नाम से जाना जाएगा। इस फैसले के साथ 2018 में किए गए नाम परिवर्तन को वापस ले लिया गया है।
भारत के लिए यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण?
भारत में इस फैसले ने विशेष ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि "इंडो-पैसिफिक" शब्द अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक सहयोग के प्रतीक के रूप में उभरा है। यही चार देशों का समूह क्वाड (Quad) कहलाता है।
2018 में क्यों बदला गया था नाम?
2018 में तत्कालीन अमेरिकी प्रशासन ने यूएस पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड कर दिया था। उस समय कहा गया था कि यह बदलाव हिंद महासागर क्षेत्र के बढ़ते रणनीतिक महत्व और उसकी प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था से बढ़ती एकीकृत भूमिका को दर्शाता है।
तत्कालीन अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने इंडो-पैसिफिक को एक एकीकृत रणनीतिक क्षेत्र (Single Strategic Theatre) बताते हुए कहा था कि यह कमांड "बॉलीवुड से हॉलीवुड तक" फैला हुआ है।
अब 'इंडो' हटाने से क्या संकेत मिल रहे हैं?
नए फैसले में कमांड के नाम से "इंडो" शब्द हटा दिया गया है। इसके बाद कुछ रणनीतिक विशेषज्ञों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने यह अटकलें लगानी शुरू कर दी हैं कि क्या अमेरिका अपनी इंडो-पैसिफिक नीति और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं में बदलाव कर रहा है।
अमेरिका ने कहा- सिर्फ नाम बदला है, नीति नहीं
अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल नामकरण (Nomenclature) तक सीमित है और इससे कमांड के मिशन, जिम्मेदारियों या क्षेत्रीय प्रतिबद्धताओं में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि USPACOM नाम को बहाल करना 1947 से चली आ रही कमांड की ऐतिहासिक विरासत का सम्मान करने के लिए किया गया है।
विभाग के अनुसार, "USPACOM नाम की वापसी कमांड की गहरी ऐतिहासिक जड़ों का सम्मान करती है। क्षेत्र में इसकी भूमिका और साझेदारियां पहले की तरह ही बनी रहेंगी।"
भारत-अमेरिका सैन्य सहयोग में अहम भूमिका
हवाई स्थित यह कमांड अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक फैले विशाल क्षेत्र की निगरानी करता है। यह भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, समुद्री समन्वय और रणनीतिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच रहा है।
राजनीतिक बहस तेज
हालांकि वाशिंगटन का कहना है कि यह केवल एक प्रतीकात्मक बदलाव है, लेकिन शशि थरूर की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे दिया है। अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह फैसला भविष्य में इंडो-पैसिफिक रणनीति और क्वाड समूह की दिशा पर किसी बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है, या फिर यह केवल ऐतिहासिक नाम को पुनर्स्थापित करने की औपचारिक प्रक्रिया भर है।
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