मानहानि केस: झारखंड की अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। झारखंड के चाईबासा स्थित सांसद-विधायक अदालत (MP-MLA कोर्ट) ने एक मानहानि मामले में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है और उन्हें 26 जून को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है
नयी दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। झारखंड के चाईबासा स्थित सांसद-विधायक अदालत (MP-MLA कोर्ट) ने एक मानहानि मामले में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है और उन्हें 26 जून को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
अदालत ने राहुल गांधी के वकील की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने की मांग की गई थी।
यह मामला 2018 में राहुल गांधी द्वारा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। उस समय अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। राहुल गांधी ने अपने भाषण में कथित तौर पर कहा था कि "हत्या का आरोपी भी बीजेपी का अध्यक्ष बन सकता है।"
इस टिप्पणी के विरोध में भाजपा नेता प्रताप कटियार ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह मामला फरवरी 2020 में रांची स्थित सांसद-विधायक अदालत में स्थानांतरित किया गया था।
हालांकि अदालत की ओर से कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद, राहुल गांधी पेश नहीं हुए। इसके चलते अप्रैल 2022 में एक जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद राहुल गांधी ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख करते हुए वारंट पर स्थगन (stay) की मांग की थी, जिसे 20 मार्च 2024 को खारिज कर दिया गया।
अब जब मामले की सुनवाई दोबारा शुरू हुई, तो राहुल गांधी के वकील ने फिर से उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने की मांग की, जिसे चाईबासा कोर्ट ने ठुकरा दिया।
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी के खिलाफ एक और मानहानि का मामला उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में भी चल रहा है। हालांकि, 17 मई को उस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी, क्योंकि उस दिन वकीलों के लिए एक वर्कशॉप आयोजित की गई थी।
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