धोनी के ₹100 करोड़ मानहानि मामले में सेवानिवृत्त IPS अधिकारी की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूर्व IPS अधिकारी संपत कुमार द्वारा दायर अपील पर सुनवाई पूरी कर ली और अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। यह अपील उस एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी द्वारा दायर ₹100 करोड़ के मानहानि मामले को खारिज करने से इनकार..

धोनी के ₹100 करोड़ मानहानि मामले में सेवानिवृत्त IPS अधिकारी की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
15-10-2025 - 09:34 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूर्व IPS अधिकारी संपत कुमार द्वारा दायर अपील पर सुनवाई पूरी कर ली और अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। यह अपील उस एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी द्वारा दायर ₹100 करोड़ के मानहानि मामले को खारिज करने से इनकार किया गया था।

न्यायमूर्ति एस.एम. सुब्रमण्यम और एम. जोथिरामन की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। यह मामला वर्ष 2014 में दायर एक मानहानि याचिका से संबंधित है, जिसमें धोनी ने ज़ी मीडिया कॉरपोरेशन, उसके तत्कालीन संपादक और बिजनेस हेड सुधीर चौधरी, संपत कुमार, और न्यूज़ नेशन नेटवर्क प्रा. लि. के खिलाफ ₹100 करोड़ हर्जाने की मांग की थी।
धोनी का आरोप था कि इन सभी ने उन्हें 2013 के IPL सट्टेबाजी विवाद से झूठा तौर पर जोड़ा। दिसंबर 2021 में एकल न्यायाधीश ने संपत कुमार की याचिका खारिज कर दी थी, यह कहते हुए कि यह याचिका केवल मुकदमे की कार्यवाही में देरी के उद्देश्य से दायर की गई थी।

कुमार ने अपनी ओर से यह दलील दी थी कि वे एक ईमानदार अधिकारी हैं, जिन्होंने सिर्फ अपना कर्तव्य निभाया था, और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रेरणा से प्रेरित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय जांच में उन्हें किसी भी आरोप से मुक्त किया जा चुका है।

हालांकि, अदालत ने कहा था कि ये दलीलें मुकदमे के दौरान रक्षा पक्ष के तर्क के रूप में इस्तेमाल की जा सकती हैं, लेकिन ये अभियोग पत्र (plaint) को खारिज करने का आधार नहीं बन सकतीं।

2021 में याचिका खारिज होने के बावजूद, मामला आगे नहीं बढ़ सका। बाद में, अगस्त 2025 में, हाईकोर्ट ने ट्रायल शुरू करने के निर्देश दिए और धोनी के बयान दर्ज कराने के लिए एक एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति की।
इसके बाद, संपत कुमार ने अब यह नई अपील दायर की और 2021 के आदेश को चुनौती देने में हुई देरी को माफ करने की मांग भी की है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।