संजय कपूर की वसीयत पर विवाद गहराया: करिश्मा कपूर के बच्चों ने विधवा प्रिया कपूर को बताया 'जुआ की लत वाली', वसीयत की वैधता पर सवाल
दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रही कानूनी जंग मंगलवार को और तेज हो गई, जब वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने दिल्ली हाईकोर्ट में संजय की विधवा प्रिया कपूर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रिया को "जुए की गंभीर लत वाली महिला" बताया और संजय कपूर की कथित वसीयत की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल..
मुंबई। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रही कानूनी जंग मंगलवार को और तेज हो गई, जब वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने दिल्ली हाईकोर्ट में संजय की विधवा प्रिया कपूर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रिया को "जुए की गंभीर लत वाली महिला" बताया और संजय कपूर की कथित वसीयत की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल उठाए।
जेठमलानी, जो अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान राज कपूर की ओर से पेश हुए, ने कहा कि प्रिया कपूर जिस वसीयत पर भरोसा कर रही हैं, उसमें "भारी त्रुटियां, संदिग्ध भाषा और कोई ठोस सबूत नहीं" है कि यह संजय कपूर द्वारा तैयार या हस्ताक्षरित की गई थी।
उन्होंने अदालत में कहा, “अगर संजय कपूर की मानसिक स्थिति ठीक थी और उन्हें अंग्रेज़ी आती थी, तो वे ऐसी वसीयत पर कभी हस्ताक्षर नहीं करते जिसमें इतनी स्पष्ट व्याकरणिक और तथ्यात्मक गलतियां हों। उनकी शिक्षा और प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति इस तरह का दस्तावेज़ मंज़ूर ही नहीं करता।”
वकील ने दस्तावेज़ में कई जगहों पर “he/his” की जगह “she/her” जैसे सर्वनामों के प्रयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि वसीयत या तो गलत तरीके से तैयार की गई है या जाली है।
जेठमलानी ने कहा, “कहीं कोई डिजिटल सबूत नहीं, न हस्तलिपि, न भौतिक प्रमाण। ऐसा लगता है जैसे संजय एक ‘डिजिटल भूत’ हैं — इस वसीयत से उनका कोई वास्तविक जुड़ाव नहीं है।”
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि दस्तावेज़ में “हर स्तर पर गंभीर खामियां” हैं चाहे वह वसीयत का तैयार होना हो, उसका प्रसार या सुपुर्दगी।
प्रिया कपूर पर सीधे निशाना साधते हुए जेठमलानी ने कहा, “आप मुझे लालची कहती हैं? आपका लालच मेरी तुलना में कहीं अधिक है।” उन्होंने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल — यानी करिश्मा कपूर के बच्चे को जो कुछ भी परिवारिक ट्रस्ट से मिलता है, वह उनके दादी और पिता से आता है। उन्होंने कहा,“हम जो भी पाते हैं, वह पहले दादी से और अब पिता से मिला है।”
जेठमलानी ने कानूनी मिसालें देते हुए दावा किया कि यह वसीयत “असंगतियों से भरी है” और इसमें शामिल तीनों जीवित व्यक्तियों प्रिया कपूर और दो गवाहों में से किसी का भी बयान अदालत में नहीं आया है। ,” उन्होंने कहा, “किसी ने यह तक नहीं बताया कि यह वसीयत किसने तैयार की।“
मामले की सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।
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