बहुविवाह और पाकिस्तान के कानून पर बयान को लेकर एनसीपी विधायक सना मलिक विवादों में, सफाई के बाद भी सियासत तेज
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने बहुविवाह (पॉलीगैमी) का समर्थन किया और भारत में पाकिस्तान के कानून लागू करने की वकालत..
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने बहुविवाह (पॉलीगैमी) का समर्थन किया और भारत में पाकिस्तान के कानून लागू करने की वकालत की। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद छिड़ गया और महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
सना मलिक ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद सना मलिक ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर हुई चर्चा के दौरान दिए गए उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है।
उन्होंने कहा कि उनकी आपत्ति केवल इस बात पर थी कि महिलाओं की सुरक्षा और तीन तलाक जैसे मुद्दों पर चर्चा के दौरान बार-बार पाकिस्तान का उदाहरण दिया जा रहा था।
मलिक के अनुसार, बहस का केंद्र महिलाओं पर होने वाले अत्याचार और उनके अधिकार होने चाहिए, न कि किसी धर्म या समुदाय को निशाना बनाना।
'कानून पर चर्चा हो, पाकिस्तान पर नहीं'
सना मलिक ने कहा कि विधानसभा में यह सवाल उठाया गया था कि क्या पाकिस्तान ने इस विषय पर कोई कानून बनाया है और आखिर उसकी मिसाल क्यों दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उनका स्पष्ट मत था कि विधायकों को कानून की खूबियों और कमियों पर चर्चा करनी चाहिए, न कि पाकिस्तान का बार-बार उल्लेख करना चाहिए।
मलिक ने कहा कि भारत के मुसलमान भारतीय संविधान का पालन करते हैं, जो उन्हें अपने धर्म को मानने, उसका पालन करने और प्रचार करने का अधिकार देता है। इसलिए भारत के मुसलमानों की तुलना पाकिस्तान से करना उचित नहीं है।
बहुविवाह पर क्या बोलीं सना मलिक?
बहुविवाह को लेकर उठे विवाद पर सना मलिक ने कहा कि इस्लामिक पर्सनल लॉ में कुछ कड़े नियमों और शर्तों के तहत इसकी अनुमति दी गई है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बहुविवाह केवल एक धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न धर्मों और समुदायों में इसके उदाहरण मिलते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने वाले कानून सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। किसी एक धर्म को निशाना बनाकर या विदेशी कानूनों का हवाला देकर कानून नहीं बनाए जाने चाहिए।
योगेश कदम का पलटवार
महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने सना मलिक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में कानून किसी धर्मग्रंथ या धार्मिक पुस्तक के आधार पर नहीं बनाए जाते।
उन्होंने कहा कि विधानमंडल का दायित्व समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाना और भेदभावपूर्ण या अन्यायपूर्ण प्रथाओं को समाप्त करना है।
योगेश कदम ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए सभी कानून केवल न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं, इसलिए भारत की कानूनी व्यवस्था को किसी धर्म या धार्मिक मान्यताओं से जोड़ना पूरी तरह अनुचित है।
विवाद जारी
सना मलिक के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज है। एक पक्ष उनके बयान को पाकिस्तान और बहुविवाह के समर्थन के रूप में पेश कर रहा है, जबकि सना मलिक का कहना है कि उन्होंने न तो पाकिस्तान के कानून लागू करने की वकालत की और न ही किसी विशेष धार्मिक प्रथा का समर्थन किया, बल्कि उनका उद्देश्य केवल कानून पर तथ्यात्मक और निष्पक्ष चर्चा की वकालत करना था। राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मुद्दा अब महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद बन गया है।
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