सऊदी अरब, पाकिस्तान और अन्य मुस्लिम देशों का ‘ग्रेटर इज़राइल’ योजना पर गुस्सा
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नयी दिल्ली। गाज़ा में इज़राइल की सैन्य कार्रवाई में तेज़ी के बाद मुस्लिम देशों का गुस्सा बढ़ रहा है। दो दिन पूर्व यानी सोमवार, 25 अगस्त को सऊदी अरब के जेद्दा में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) देशों की आपात बैठक बुलाई गई। इस बैठक में सऊदी अरब और पाकिस्तान सहित कई मुस्लिम देशों ने इज़राइल की कड़ी निंदा की।
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने इज़राइल के हालिया ऑपरेशन को क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने गाज़ा सिटी पर कब्ज़ा करने की इज़राइल की योजना का ज़िक्र करते हुए चेतावनी दी कि यह ग्रेटर इज़राइल बनाने की कोशिश है।
सऊदी अरब का कड़ा विरोध
प्रिंस फैसल ने गाज़ा पट्टी में तत्काल युद्धविराम की अपील की और विश्व नेताओं से इज़राइली कब्ज़ा खत्म करने की मांग की।
उन्होंने इज़राइली नेताओं की ‘ग्रेटर इज़राइल’ संबंधी टिप्पणियों की निंदा की।
सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश 1967 की सीमाओं पर आधारित एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि अधिक देश सऊदी पहल का समर्थन करते हुए फिलिस्तीन को मान्यता देने के लिए आगे आ रहे हैं।
सऊदी मंत्री ने उन देशों से भी अपील की, जो इज़राइल की आक्रामकता की निंदा नहीं कर रहे, कि वे अपना रुख बदलें।
पाकिस्तान का कड़ा रुख
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी उसी बैठक में इज़राइल की उग्र बयानबाजी की कड़ी आलोचना की। डार ने चेतावनी दी कि गाज़ा अब निर्दोष लोगों और अंतरराष्ट्रीय कानून—दोनों का कब्रिस्तान बन गया है। उन्होंने इज़राइली कैबिनेट की गाज़ा पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण की योजना को विलय की कोशिश और अरब व क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा करार दिया।
डार ने OIC से अपील की कि वह सिर्फ़ बयानबाजी तक सीमित न रहे बल्कि ठोस कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि गाज़ा पर अंधाधुंध बमबारी, नाकाबंदी, जबरन विस्थापन और भूखमरी थोपी गई है। इस हमले में अब तक 60,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- गाज़ा में इज़राइल की बढ़ती सैन्य कार्रवाई पर मुस्लिम देशों का गुस्सा।
- 25 अगस्त को जेद्दा, सऊदी अरब में OIC देशों की आपात बैठक।
- सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने गाज़ा में तत्काल युद्धविराम और इज़राइली कब्ज़ा समाप्त करने की मांग की।
- प्रिंस फैसल ने ग्रेटर इज़राइल संबंधी इज़राइली बयानों की निंदा की।
- सऊदी अरब ने 1967 की सीमाओं पर आधारित फिलिस्तीन राज्य की स्थापना की प्रतिबद्धता दोहराई और अन्य देशों से इज़राइल की आक्रामकता पर पुनर्विचार करने की अपील की।
- पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने गाज़ा को “निर्दोषों और अंतरराष्ट्रीय कानून का कब्रिस्तान” बताया और OIC से ठोस कार्रवाई की मांग की।
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