वेनेजुएला में भीषण भूकंप का कहर: 188 लोगों की मौत, 1,520 घायल, हजारों के मलबे में दबे होने की आशंका
वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 188 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,520 लोग घायल हुए हैं। राजधानी कराकास और उसके आसपास कई इमारतें ढह गईं, जिनके मलबे में करीब हजारों लोगों के फंसे होने की आशंका जताई..
वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 188 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,520 लोग घायल हुए हैं। राजधानी कराकास और उसके आसपास कई इमारतें ढह गईं, जिनके मलबे में करीब हजारों लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। यह जानकारी देश की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने दी।
लगातार दो शक्तिशाली झटकों से दहला देश
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, बुधवार शाम स्थानीय समयानुसार 6:04 बजे सबसे पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप सैन फेलिपे के निकट आया, जो कराकास से लगभग 284 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। इसके कुछ ही क्षण बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप युमारे क्षेत्र के पास आया, जो राजधानी से करीब 293 किलोमीटर पश्चिम में है।
USGS ने अपनी पूर्वानुमान आधारित मॉडलिंग में आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या हजारों तक पहुंच सकती है और इसके 10 हजार से अधिक होने की भी पर्याप्त संभावना है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला त्रासदी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और हर संभव सहायता पहुंचाने की बात कही है।
बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी
राष्ट्र के नाम संबोधन में अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि दर्जनों इमारतें धराशायी हो चुकी हैं और राहत एवं बचाव दल पूरी क्षमता के साथ लोगों को मलबे से निकालने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा, "यह एक बेहद दुखद त्रासदी है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं।"
उन्होंने बताया कि कई देशों से राहत और बचाव दल अगले कुछ घंटों में वेनेजुएला पहुंचेंगे। साथ ही उन्होंने अमेरिका सहित विभिन्न देशों के नेताओं द्वारा दी गई सहायता की पेशकश के लिए आभार व्यक्त किया।
अमेरिका समेत कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका इस भीषण आपदा से निपटने में वेनेजुएला की हरसंभव सहायता करने के लिए तैयार है।
उन्होंने लिखा कि, "वेनेजुएला में आए दोनों बड़े भूकंप बेहद विनाशकारी हैं और इन्होंने भारी जनहानि की है।" वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि अमेरिका तत्काल खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता वेनेजुएला भेज रहा है।
इसके अलावा अल सल्वाडोर, डोमिनिकन गणराज्य, ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील सहित कई देशों ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए सहायता की पेशकश की है।
संयुक्त राष्ट्र की अपील
संयुक्त राष्ट्र ने वेनेजुएला सरकार से मीडिया और सोशल मीडिया पर लगी सभी पाबंदियां तुरंत हटाने की अपील की है। संगठन का कहना है कि आपदा के समय सही और समय पर सूचना मिलना लोगों के लिए जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन सकता है।
संयुक्त राष्ट्र के तथ्य-जांच मिशन ने कहा कि इस त्रासदी से निपटने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाए जाने वाले सभी कदम मानवाधिकारों के सिद्धांतों के अनुरूप होने चाहिए।
साथ ही दूरसंचार नियामक संस्था CONATEL से सोशल मीडिया और सभी समाचार माध्यमों तक निर्बाध पहुंच बहाल करने की मांग की गई है।
कमजोर निर्माण बने तबाही की बड़ी वजह
भूकंप ऐसे समय आया जब बुधवार को वेनेजुएला में स्पेन से स्वतंत्रता संग्राम की 1821 की निर्णायक लड़ाई की स्मृति में सार्वजनिक अवकाश था और अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला की लगभग 80 प्रतिशत आबादी भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहती है। देश के कई हिस्सों में बने मकान और इमारतें तेज भूकंप झेलने के मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
कराकास के सबसे अधिक प्रभावित अल्टामीरा इलाके में कई इमारतें नरम तलछटी जमीन पर बनी थीं, जिससे भूकंपीय तरंगों का असर और अधिक विनाशकारी साबित हुआ।
इसके अलावा देशभर में बड़ी संख्या में अनधिकृत और अस्थायी बस्तियां हैं, जिनके भवन भीषण भूकंप का सामना करने में सक्षम नहीं हैं।
मलबे में अपनों की तलाश
गृह मंत्री दियोसदादो काबेलो ने सरकारी टीवी पर बताया कि कई इमारतें, मकान और घर पूरी तरह ढह गए हैं तथा उपलब्ध सभी सुरक्षा और नागरिक सहायता संसाधनों के साथ राहत कार्य जारी है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बचावकर्मी रातभर कराकास में ढही इमारतों के मलबे में फंसे लोगों की तलाश करते दिखाई दिए। वहीं, अपने परिजनों की चिंता में परेशान लोग घटनास्थलों पर सहायता की गुहार लगाते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई भयावह आपबीती
कराकास निवासी और भूकंप से बचीं मारिया अलेजांद्रा ने बताया कि जब पहला झटका लगा, तब वह अपने अपार्टमेंट में थीं।
उन्होंने कहा, "चारों तरफ दीवारों में दरारें पड़ने लगीं। मैंने किसी तरह कपड़े पहने और हम लोगों ने बड़ी मुश्किल से दरवाजा खोला। बाहर निकलते ही चारों ओर धूल का इतना घना गुबार था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।"
यह भूकंप हाल के वर्षों में वेनेजुएला में आई सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जा रहा है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है तथा मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
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