'भारत में लोकतंत्र हटाकर शरीयत क़ायम करना चाहते थे': गुजरात ATS ने अल-कायदा के चार आतंकियों को किया गिरफ्तार
स्वतंत्रता दिवस से पहले गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। AQIS एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है। इससे पहले भी गुजरात ATS ने अल-कायदा और ISIS से जुड़े मॉड्यूल को बेनकाब..
गांधीनगर। स्वतंत्रता दिवस से पहले गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। AQIS एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है। इससे पहले भी गुजरात ATS ने अल-कायदा और ISIS से जुड़े मॉड्यूल को बेनकाब किया था। इस ताजा गिरफ्तारी ने देश की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ATS ने बताया कि ये आतंकी भारत में लोकतंत्र को हटाकर शरीयत लागू करना चाहते थे। वे सोशल मीडिया के ज़रिए अल-कायदा की विचारधारा फैलाते थे और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जा रहे थे।
ATS के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया, “गुजरात ATS ने एक ऐसा टेरर मॉड्यूल पकड़ा है जिसका पाकिस्तान से इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क था। दिल्ली से मोहम्मद फईक नाम के मास्टरमाइंड सहित चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग युवाओं को ब्रेनवॉश कर जिहाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए उकसाते थे। इनके पास से तलवारें, अल-कायदा से जुड़ा साहित्य और आपत्तिजनक पोस्ट्स जब्त किए गए हैं।
दिल्ली पुलिस, यूपी ATS और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में इन चारों को 14 दिन की रिमांड पर लिया गया है। इनके आर्थिक स्रोतों की जांच भी चल रही है।”
ATS के अनुसार, "गिरफ्तार किए गए सभी चार लोग AQIS से जुड़े हुए हैं। इनमें से एक की गिरफ्तारी गुजरात से बाहर की गई है।"
गिरफ्तार आतंकियों के नाम हैं..
- मोहम्मद फईक
- मोहम्मद फर्दीन
- सैफुल्लाह कुरैशी
- ज़ीशान अली
इन पर नकली नोटों का रैकेट चलाने और वैश्विक आतंकी संगठन की विचारधारा फैलाने का भी आरोप है।
सैफुल्लाह कुरैशी के भाई अमीन कुरैशी ने बताया, “हमें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह ऐसी किसी गतिविधि में शामिल है। वह घर पर हमेशा खुश और सामान्य रहता था।”
क्या-क्या सामने आया
- आतंकियों ने सोशल मीडिया और संदिग्ध ऐप्स का इस्तेमाल किया।
- वे ऑटो-डिलीट मैसेजिंग ऐप्स के ज़रिए बात करते थे ताकि कोई डिजिटल सबूत न बचे।
- इन ऐप्स का प्रयोग कर वे प्रचार, भर्ती और योजना बनाने का काम करते थे।
गौरतलब है कि जून 2023 में भी गुजरात ATS ने ISKP (इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रांत) से जुड़े चार लोगों को पोरबंदर और सूरत से गिरफ्तार किया था।
ATS DIG सुनील जोशी ने कहा कि “ये सभी देश के अंदर बड़े स्तर पर आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे। मामले की गहन जांच जारी है।”
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