योगी आदित्यनाथ का बड़ा नामकरण अभियान: ‘मुस्तफाबाद’ बनेगा ‘कबीरधाम’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को घोषणा की कि उनकी सरकार लखीमपुर खीरी ज़िले के मुस्तफाबाद गाँव का नाम बदलकर ‘कबीरधाम’ करने का प्रस्ताव लाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव उस क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करेगा, जो संत कबीर से..

योगी आदित्यनाथ का बड़ा नामकरण अभियान: ‘मुस्तफाबाद’ बनेगा ‘कबीरधाम’
28-10-2025 - 11:44 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को घोषणा की कि उनकी सरकार लखीमपुर खीरी ज़िले के मुस्तफाबाद गाँव का नाम बदलकर कबीरधाम’ करने का प्रस्ताव लाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव उस क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करेगा, जो संत कबीर से जुड़ी हुई है।

योगी सरकार का यह प्रस्ताव उन पिछले निर्णयों की कड़ी में है, जिनमें सरकार ने “पूर्व शासकों द्वारा बदले गए नामों को उनके मूल स्वरूप में बहाल” करने की पहल की है। स्मृति महोत्सव मेला 2025” को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अब उन स्थलों पर खर्च कर रही है जिनका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, “कब्रिस्तान की दीवारें बनाने” के बजाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने इस गाँव के बारे में जानकारी ली, तो उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि इसका नाम मुस्तफाबाद है, जबकि यहाँ मुस्लिम आबादी नहीं है।

उन्होंने सभा में कहा, जब मैंने पूछा कि इस गाँव का नाम क्या है, तो बताया गया मुस्तफाबाद। मैंने पूछा, यहाँ कितने मुसलमान रहते हैं? जवाब मिला — कोई नहीं। तब मैंने कहा, फिर इसका नाम बदलना चाहिए। इसे कबीरधाम कहा जाना चाहिए।”

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार औपचारिक प्रस्ताव लाकर नाम परिवर्तन की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करेगी। उन्होंने कहा, हम प्रस्ताव लाएँगे और आगे बढ़ाएँगे। यह संत कबीर की विरासत से जुड़े स्थान के सम्मान को पुनर्स्थापित करने का मामला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पहले भी कई ऐसे ऐतिहासिक नाम पुनर्स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा,पहले के शासकों ने अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद कर दिया था। हमारी सरकार ने अयोध्या को बहाल किया, प्रयागराज को बहाल किया, और अब कबीरधाम को उसके असली नाम से पुनर्जीवित किया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी की “डबल इंजन सरकार” राज्यभर में सभी आस्था स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया, हमने कहा है कि हर तीर्थ स्थल को सुंदर बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए विश्रामगृह और आश्रय स्थलों की सुविधा दी जाएगी। पर्यटन और संस्कृति विभागों के माध्यम से काशी, अयोध्या, कुशीनगर, नैमिषारण्य, मथुरा-वृंदावन, बरसाना, गोकुल और गोवर्धन जैसे सभी प्रमुख आस्था स्थलों का पुनरुद्धार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब सरकारी धन सांस्कृतिक और धार्मिक पुनर्जागरण के कार्यों में लगाया जा रहा है। उन्होंने टिप्पणी की, पहले यही पैसा कब्रिस्तानों की दीवारें बनाने में खर्च होता था। अब यह हमारे आस्था और धरोहर केंद्रों के विकास में लगाया जा रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे प्रयास भारतीय संस्कृति और सभ्यता के गौरव का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, यह हमारी सांस्कृतिक आत्मा और पहचान को पुनर्जीवित करने की भावना है। सरकार भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े स्थलों की गरिमा को बहाल करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।