स्वास्थ्य ट्रस्ट में आरएसएस सदस्य की नियुक्ति पर विवाद, कांग्रेस नेताओं ने सीएम सिद्धारमैया से हटाने की मांग की
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार, जिसने हाल ही में सरकारी परिसरों में आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है, अब अपने ही नेताओं के विरोध का सामना कर रही है क्योंकि सरकार ने एक आरएसएस सदस्य को ‘यशस्विनी कोऑपरेटिव मेंबर्स हेल्थ प्रोटेक्शन..
बेंगलुरु। ट्रस्ट’ कर्नाटक में कांग्रेस सरकार, जिसने हाल ही में सरकारी परिसरों में आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है, अब अपने ही नेताओं के विरोध का सामना कर रही है क्योंकि सरकार ने एक आरएसएस सदस्य को ‘यशस्विनी कोऑपरेटिव मेंबर्स हेल्थ प्रोटेक्शन का ट्रस्टी नियुक्त किया है।
सहकारिता विभाग ने 23 अक्टूबर को जारी आदेश में टीप्टूर के कुमार हॉस्पिटल के प्रमुख डॉ. श्रीधर को बोर्ड के 13 ट्रस्टियों में से एक के रूप में नामित किया है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, जो सहकारिता विभाग का प्रभार भी संभालते हैं, ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक (Chief Patron) हैं, जबकि सहकारिता विभाग के सचिव इसके अध्यक्ष (Chairperson) हैं। डॉ. श्रीधर ट्रस्ट बोर्ड में शामिल पाँच विशेषज्ञ डॉक्टरों में से एक हैं।
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के सदस्य सी.बी. शशिधर ने रविवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यह नियुक्ति आदेश रद्द करने की मांग की, ताकि कांग्रेस पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं को “शर्मिंदगी” से बचाया जा सके।
उन्होंने उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार का भी ध्यान इस ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा, “12 अक्टूबर को डॉ. श्रीधर ने आरएसएस के ‘पथ संचलन’ में गणवेशधारी रूप में भाग लिया था,” शशिधर ने पत्र में लिखा।
शशिधर ने आरोप लगाया कि टीप्टूर के विधायक के. शडक्शरी ने ही डॉ. श्रीधर का नाम ट्रस्टी के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की थी।
इस विवाद के बाद अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर अपनी ही पार्टी के भीतर से दबाव बढ़ गया है कि वे इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करें और ट्रस्ट से आरएसएस से जुड़े व्यक्ति को हटाएँ।
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