राम मंदिर दान घोटाला: 'सनातन से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शेंगे', 8 गिरफ्तारियों के बाद बोले योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान गबन मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद सख्त संदेश देते हुए कहा कि सनातन परंपरा, धार्मिक आस्था और जनविश्वास से खिलवाड़ करने वालों के प्रति राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति..
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान गबन मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद सख्त संदेश देते हुए कहा कि सनातन परंपरा, धार्मिक आस्था और जनविश्वास से खिलवाड़ करने वालों के प्रति राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट सामने आने के तुरंत बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने दोहराया कि अयोध्या और उससे जुड़ी धार्मिक भावनाओं के मामलों में सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि किसी ने जनआस्था का दुरुपयोग करने या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र अयोध्या की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि अब एसआईटी की रिपोर्ट ने कार्रवाई का आधार प्रदान किया है और प्रशासन ने बिना देरी किए दोषियों के खिलाफ कदम उठाए हैं।
'आस्था से खिलवाड़ किसी कीमत पर स्वीकार नहीं'
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आस्था को हल्के में नहीं लिया जा सकता। जो लोग लोगों की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाने या आस्था से जुड़े संस्थानों का दुरुपयोग करने की कोशिश करेंगे, उनके प्रति सरकार किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी।
उन्होंने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की सामूहिक आस्था का प्रतीक है और उसकी गरिमा, पवित्रता तथा मूल्यों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
इस मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। बिना किसी नेता का नाम लिए उन्होंने आरोप लगाया कि जो दल ऐतिहासिक रूप से राम मंदिर आंदोलन का विरोध करते रहे, वही अब इस मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "एक पक्ष ऐसा था जो कहता था कि भगवान राम का अस्तित्व ही नहीं है। यानी वे अयोध्या के अस्तित्व को ही नकारना चाहते थे। उन्होंने लगातार अदालतों में राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का विरोध किया और इसके खिलाफ वकीलों की पूरी फौज खड़ी की।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "दूसरा पक्ष वह था जो 'जय श्रीराम' का उद्घोष करने वालों पर लाठियां चलाता था और गोलियां चलवाता था। जो लोग भगवान राम का नाम लेने पर गोलियां चलवाते थे, वही आज आस्था के साथ छेड़छाड़ होने की बात कर रहे हैं।"
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राम मंदिर और अयोध्या से जुड़े मामलों में राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ कार्रवाई करती रहेगी तथा जनविश्वास को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा।
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