Chinese Spy Balloon : ‘जासूसी गुब्बारा’ कांड से रसातल में चीन-अमेरिका के रिश्ते, आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर
<p><em><strong>Chinese Spy Balloon : अमेरिका का कहना है कि वह चीन के एक संदिग्ध ‘जासूस गुब्बारे’ पर नजर बनाए हुए है। यह गुब्बारा बीते कई दिनों से अमेरिका की कई संवेदनशील जगहों के पास से उड़ता दिखा है।</strong></em></p> <quillbot-extension-portal></quillbot-extension-portal>
रक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस बात का पूरा भरोसा है कि काफी ऊंचाई पर उड़ने वाला ये जासूसी गुब्बारा चीन का ही है। यह गुब्बारा हाल ही में मोंटाना के पास देखा गया था। चीन ने इस मामले पर चेतावनी दी है कि बिना तथ्यों की जांच करे अनुमान लगाने और हल्ला मचाने की जरूरत नहीं है।
गिराया क्यों नहीं गुब्बारा
सेना ने इस गुब्बारे को निशाना लगाकर नीचे गिराने का फैसला इसलिए नहीं किया है क्योंकि ये डर है कि इसका मलबा संवेदनशील जगहों पर गिरकर नुकसान पहुंचा सकता है। कनाडा ने शुक्रवार को कहा है कि वह भी जासूसी गुब्बारे पर नजर बनाए हुए है। हालांकि कनाडा ने इस गुब्बारे के पीछे किसी देश का नाम नहीं लिया है। अधिकारियों का कहना है कि गुब्बारा मोंटाना में दिखने से पहले अलास्का के अल्यूशन आईलैंड और कनाडा से होकर गुजरा था।
अमेरिकी जहाज अलर्ट मोड में
एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने अपना नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से गुब्बारा निशाना लगाकर गिराने का आदेश आता है तो एफ-22 समेत लड़ाकू विमान तैयार हैं। अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन, यूएस जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मार्क मिल्ले समेत सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस खतरे को ध्यान में रखते हुए बुधवार को बैठक की।
मोंटाना में तैनात परमाणु मिसाइलों का जखीरा
मोंटाना कम आबादी वाला एक ऐसा इलाका है, जो अमेरिका के तीन न्यूक्लियर मिसाइल क्षेत्रों में से एक है। ये मिसाइल फील्ड मैल्मस्ट्रोम एयरफोर्स बेस पर है। अधिकारियों का कहना है कि यह जासूसी गुब्बारा इन संवेदनशील जगहों की जानकारी जुटाने के मकसद से उड़ रहा है।
चीन सरकार क्या बोली?
अमेरिका ने वॉशिंगटन और बीजिंग स्थित दूतावस में ये मामला चीनी अधिकारियों के सामने भी उठाया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, ‘चीन फिलहाल इस गुब्बारे से संबंधित रिपोर्ट्स की जांच कर रहा है और जब तक तथ्य पुख्ता नहीं होते, तब तक अनुमान लगाने और हल्ला मचाने से समाधान नहीं निकलेगा।’
जगह और आकार बताने से इनकार
गुरुवार को प्रेस वार्ता में अमेरिका ने गुब्बारे की मौजूदा लोकेशन बताने से इनकार किया। अमेरिका ने इस गुब्बारे के साइज या इससे जुड़ी और जानकारियां देने से भी मना किया। एक रक्षा अधिकारी ने बताया, ‘ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं कि कुछ पायलट ने इन गुब्बारों को देखा है, वो भी तब जब ये काफी ऊंचाई पर उड़ रहे थे। ऐसे में आप इसके आकार का अंदाजा लगा सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि ऐसे कई जासूसी गुब्बारे अतीत में भी पता चले हैं लेकिन ये वाला गुब्बारा इस बार लंबे वक्त से मौजूद है।
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