कोलकाता गैंगरेप केस पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी का शर्मनाक बयान: पीड़ित महिला पर ही टाल दी ज़िम्मेदारी
कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में हुए गैंगरेप की घटना के सामने आते ही देशभर में आक्रोश फैल गया लेकिन इससे भी ज़्यादा गुस्सा तब भड़का जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने शुक्रवार को पीड़ित महिला को ही ज़िम्मेदार ठहराते हुए
कोलकाता। कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में हुए गैंगरेप की घटना के सामने आते ही देशभर में आक्रोश फैल गया लेकिन इससे भी ज़्यादा गुस्सा तब भड़का जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने शुक्रवार को पीड़ित महिला को ही ज़िम्मेदार ठहराते हुए आपत्तिजनक बयान दे दिया।
कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "रेप किसने किया? उसके अपने दोस्तों ने। पुलिस कॉलेज कैंपस में घुस नहीं सकती। अगर उसके अपने दोस्तों ने ही उसकी रक्षा नहीं की, उल्टा उसके साथ रेप किया, तो कॉलेज या पुलिस क्या कर सकती है?"
उन्होंने यह भी कहा कि "अगर कोई दोस्त अपने ही दोस्त का रेप करता है तो क्या पुलिस स्कूलों और कॉलेजों में हर वक्त तैनात रहेगी?"
उनके इस बयान को पीड़िता पर सीधी तौर पर दोषारोपण और सरवाइवर-शेमिंग माना जा रहा है, जिसे देशभर के नागरिकों, महिला संगठनों और विपक्ष ने कड़ी आलोचना के साथ खारिज किया है।
घटना का विवरण
घटना बुधवार (26 जून) को दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज में हुई, जहां एक पहले वर्ष की छात्रा के साथ तीन युवकों ने कॉलेज परिसर के अंदर सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस के अनुसार, दो आरोपी कॉलेज के वर्तमान छात्र हैं जबकि तीसरा पूर्व छात्र है।
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित स्त्री की शिकायत की प्रति तक पहुंच बनाई, जिसमें उसने जो विवरण दिए, वे बेहद झकझोर देने वाले हैं:
- मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा ने पीड़िता को धमकी दी कि वह उसके बॉयफ्रेंड को मार डालेगा और उसके माता-पिता को गिरफ्तार करवा देगा।
- उसने बलात्कार के दौरान वीडियो भी बनाया।
- जब पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने हॉकी स्टिक से उसके सिर पर वार करने की कोशिश की।
जांच की स्थिति
- तीनों आरोपियों को शुक्रवार को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
- उन्हें कसबा पुलिस स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया है।
- दो आरोपियों को गुरुवार रात 7:20 बजे गिरफ्तार किया गया था और उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं।
- तीसरे आरोपी ‘पी’ को शुक्रवार को उसके घर से गिरफ्तार किया गया।
राजनीतिक घमासान भी तेज
भाजपा नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस पर तीखा हमला बोला और कहा, "तृणमूल मतलब चोरों की पार्टी, तृणमूल मतलब बलात्कारी। आरोपी की ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ तस्वीर है, जो पार्टी में दूसरे नंबर पर है और कोई उन्हें छू भी नहीं सकता। अगर मैंने वह तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं की होती, तो वह सामने भी नहीं आती। पार्टी आरोपी को बचा रही है।"
समाज में गूंजते सवाल
इस शर्मनाक घटना और टीएमसी नेता के गैर-जिम्मेदाराना बयान के बाद मूल सवाल यह है कि पीड़िताओं को दोष देने की मानसिकता कब बदलेगी? जब एक जनप्रतिनिधि ही यह कहे कि "उसके दोस्तों ने रेप किया, पुलिस क्या कर सकती है?", तो सिस्टम पर भरोसा कैसे कायम रहेगा?
यह मामला अब सिर्फ कानून और अपराध का नहीं रहा, यह समाज में मौजूद गहराई तक जमी हुई मानसिकता को उजागर करता है, जो महिला सुरक्षा, जवाबदेही और संवेदनशीलता के मूल सिद्धांतों पर सवाल उठाती है।
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